रांची में सड़कों पर उतरी कांग्रेस: 'छात्रों की गूंज' अभियान में उमड़ा युवाओं का जनसैलाब, मंत्रियों ने संभाली कमान!

रांची में सड़कों पर उतरी कांग्रेस: 'छात्रों की गूंज' अभियान में उमड़ा युवाओं का जनसैलाब, मंत्रियों ने संभाली कमान!

देश और प्रदेश के युवाओं से जुड़े बुनियादी मुद्दों को लेकर आज झारखंड की राजधानी रांची की सड़कों पर एक अभूतपूर्व सियासी हलचल देखने को मिली। कांग्रेस पार्टी के तत्वावधान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) महाअभियान के तहत हजारों की संख्या में छात्र, युवा और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इस विशाल जन-आक्रोश मार्च की कमान खुद झारखंड सरकार के दिग्गज मंत्रियों और कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने संभाली। रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान से लेकर राजभवन तक निकाले गए इस मार्च में युवाओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरे शहर की रफ्तार थम सी गई।

युवाओं के हक के लिए महासंग्राम: पेपर लीक और बेरोजगारी पर चौतरफा घेराव

कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान का मुख्य उद्देश्य हाल के दिनों में राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर परीक्षाओं में हुए पेपर लीक (Paper Leak), बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण के खिलाफ आवाज उठाना था। मार्च का नेतृत्व कर रहे मंत्रियों और छात्र नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले परीक्षा माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर युवाओं को स्थाई रोजगार देने और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांगें लिखी हुई थीं।

इन 3 मुख्य मांगों को लेकर राजभवन पहुंची 'छात्रों की गूंज'

कांग्रेस नेतृत्व और छात्र संगठनों ने महामहिम राज्यपाल के नाम एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। आंदोलनकारियों ने मुख्य रूप से इन 3 बड़ी मांगों पर तुरंत कार्रवाई की बात कही है:

 

1.पेपर लीक के खिलाफ कठोरतम कानून:मांग 1.

देश में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक होना युवाओं के सपनों की हत्या जैसा है। इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन हो और दोषियों को उम्रकैद जैसी सख्त सजा दी जाए।

2.रिक्त पड़े सरकारी पदों पर त्वरित बहाली:मांग 2.

केंद्र और राज्य के सभी सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को भरने के लिए एक निश्चित समय-सीमा (Time-bound Calendar) तय की जाए और पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां पूरी हों।

3.महंगी शिक्षा पर लगाम और फीस नियंत्रण:मांग 3.

उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में हो रही बेतहाशा फीस वृद्धि पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के होनहार छात्र-छात्राएं भी अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।

 

मंत्रियों ने भरी हुंकार, विपक्ष को भी दिया कड़ा संदेश

आंदोलन में शामिल मंत्रियों ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से युवाओं, छात्रों और वंचितों की आवाज रही है। सदन से लेकर सड़क तक युवाओं के हक की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि यह अभियान केवल एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देश के युवाओं को न्याय दिलाने की एक राष्ट्रव्यापी मुहिम की शुरुआत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले युवाओं को लामबंद करने और उनके सबसे संवेदनशील मुद्दों को भुनाने की दिशा में कांग्रेस का यह 'छात्रों की गूंज' अभियान बेहद असरदार और आक्रामक सियासी कदम है।

 

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