GK Quiz: भारत नहीं, ये है दुनिया में सबसे ज्यादा गेहूं उगाने वाला देश; 99% लोग खा जाते हैं गच्चा

GK Quiz: भारत नहीं, ये है दुनिया में सबसे ज्यादा गेहूं उगाने वाला देश; 99% लोग खा जाते हैं गच्चा

सामान्य ज्ञान (General Knowledge) और करंट अफेयर्स से जुड़े सवाल अक्सर परीक्षाओं से लेकर सोशल मीडिया क्विज तक में छाए रहते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प सवाल इन दिनों खूब चर्चा में है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी के सबसे अहम हिस्से यानी 'गेहूं' (Wheat) से जुड़ा है। जब भी सबसे ज्यादा गेहूं उत्पादन (Wheat Production) की बात आती है, तो अधिकांश भारतीयों के दिमाग में सबसे पहला नाम भारत का ही आता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत इस लिस्ट में पहले पायदान पर नहीं है। आइए जानते हैं उस देश के बारे में जो पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा गेहूं उगाता है और जिसे 'दुनिया का अन्नदाता' भी कहा जा सकता है।

भारत नहीं, यह देश है गेहूं उत्पादन में नंबर-1

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा गेहूं का उत्पादन करने वाला देश चीन (China) है। यूनाइटेड नेशंस के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, चीन हर साल करीब 135 से 138 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन कर वैश्विक सूची में पहले स्थान पर काबिज है। चीन की विशाल कृषि योग्य भूमि, आधुनिक तकनीक और उन्नत सिंचाई सुविधाओं के कारण वह लगातार इस स्थान पर बना हुआ है।

दूसरे नंबर पर आता है भारत का नाम

इस वैश्विक सूची में हमारा देश भारत (India) दूसरे स्थान पर आता है। भारत में हर साल लगभग 105 से 108 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होता है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्य भारत के कुल गेहूं उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान देते हैं। भारत की विशाल आबादी की खाद्य सुरक्षा के लिए यह उत्पादन बेहद महत्वपूर्ण है।

टॉप-5 गेहूं उत्पादक देशों की सूची पर एक नजर

दुनिया के कुल गेहूं उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा चुनिंदा देशों से ही आता है। अगर हम उत्पादन क्षमता के हिसाब से दुनिया के शीर्ष 5 देशों पर नजर डालें, तो रैंकिंग कुछ इस प्रकार है:

रैंक देश का नाम सालाना औसत उत्पादन (मिलियन टन में)
1 चीन ~137.7
2 भारत ~107.5
3 रूस ~85.9
4 अमेरिका ~49.6
5 फ्रांस ~36.9

रूस और यूक्रेन संकट से क्यों बिगड़ा था समीकरण?

ग्लोबल मार्केट में रूस और अमेरिका भी गेहूं के बहुत बड़े निर्यातक (Exporters) हैं। हालांकि उत्पादन के मामले में रूस तीसरे स्थान पर है, लेकिन वैश्विक निर्यात बाजार में उसकी हिस्सेदारी बहुत ज्यादा है। यही वजह है कि जब भी रूस और यूक्रेन के बीच भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Crisis) बढ़ता है, तो पूरी दुनिया में गेहूं की सप्लाई चेन प्रभावित हो जाती है और वैश्विक स्तर पर आटे व ब्रेड की कीमतें आसमान छूने लगती हैं।

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