सावन का पावन महीना: सिर्फ बेलपत्र ही नहीं, इन पवित्र पौधों की पूजा से भी खुश होंगे महादेव; दूर होंगे सभी कष्ट
हिंदू धर्म में सावन (Shravan Month) के महीने का विशेष महत्व है। यह पूरा महीना देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए समर्पित होता है। शिवभक्त इस दौरान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर जल, दूध और मुख्य रूप से बेलपत्र (Belpatra) अर्पित करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे शास्त्रों में बेलपत्र के अलावा भी कुछ ऐसे पवित्र पेड़-पौधों का जिक्र है, जो शिव जी को बेहद प्रिय हैं? सावन के महीने में इन पौधों की पूजा करने और इन्हें घर में लगाने से न सिर्फ महादेव का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि कुंडली के दोष और जीवन के तमाम कष्ट भी दूर होते हैं। आइए जानते हैं सावन में किन पौधों की पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है।
शमी का पौधा: शनि दोष से मुक्ति और शिव कृपा
शास्त्रों के अनुसार, शमी का पौधा (Shami Plant) भगवान शिव को बेलपत्र जितना ही प्रिय है। सावन के महीने में नियमित रूप से शमी के पौधे की पूजा करने और इसके पत्ते शिवलिंग पर अर्पित करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष, साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उन्हें सावन के प्रत्येक शनिवार को शमी के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे भोलेनाथ के साथ-साथ शनिदेव भी शांत होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
धतूरे का पौधा: मानसिक तनाव और नकारात्मकता होगी दूर
शिव पुराण में वर्णित है कि समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला, तो संसार की रक्षा के लिए महादेव ने उसे अपने कंठ में धारण कर लिया। उस विष की उष्णता (गर्मी) को शांत करने के लिए उन्हें धतूरा, भांग और बेलपत्र जैसी औषधियां अर्पित की गईं। सावन में धतूरे के पौधे (Datura Plant) की पूजा करने और इसके फल-फूल शिव जी को चढ़ाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। यह पौधा व्यक्ति के भीतर के अहंकार और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक माना जाता है।
आंकड़े (मदार) का पौधा: आर्थिक तंगी से मिलेगी निजात
आंकड़े या मदार के पौधे (Aak Plant) के फूल भगवान शिव की पूजा में विशेष रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं, खासकर सफेद आंकड़े के फूल। सावन के महीने में शिव जी को मदार के फूलों की माला चढ़ाना बेहद शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर आंकड़े का पौधा लगाने और सावन में इसकी देखभाल करने से सुख-समृद्धि का वास होता है और पैसों की तंगी यानी आर्थिक संकट से मुक्ति मिलती है। इसे तंत्र शास्त्र में भी बेहद प्रभावशाली माना गया है।
पीपल का पेड़: त्रिदेवों का आशीर्वाद और पितृदोष से शांति
पीपल के पेड़ (Peepal Tree) को देववृक्ष कहा जाता है, जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का वास माना गया है। सावन के महीने में पीपल के पेड़ की पूजा करने का महत्व दोगुना हो जाता है। सावन में रोज सुबह पीपल की जड़ में जल अर्पित करने और शाम को घी का दीपक जलाने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही, जिन जातकों के जीवन में लगातार परेशानियां बनी हुई हैं, उन्हें सावन के महीने में पीपल की परिक्रमा जरूर करनी चाहिए, इससे महादेव सभी कष्टों को हर लेते हैं।