Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में आफत की बारिश! देहरादून-हरिद्वार समेत कई जिलों में RED Alert, स्कूलों में छुट्टी घोषित
उत्तराखंड में मॉनसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का गंभीर पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार और टिहरी गढ़वाल जिलों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' (RED Alert) जारी किया है। वहीं पौड़ी, नैनीताल, उधम सिंह नगर और चंपावत जैसे जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन (Landslides) के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासनों ने एहतियातन आज (20 जुलाई) कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अनिवार्य रूप से छुट्टी घोषित कर दी है।
आसमान से बरस रही आफत: उफान पर नदी-नाले, कई रास्ते बंद
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक, लगातार बारिश और पहाड़ी दरकने के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-94) और ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे समेत 84 से अधिक मुख्य और ग्रामीण सड़कें मलबे और बोल्डर आने की वजह से बाधित हो गई हैं। गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। देहरादून के संतला देवी मंदिर के पास उफनती नदी के बीच एक टापू पर 7 लोग फंस गए थे, जिन्हें एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।
आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए कड़े निर्देश
हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन सचिव के साथ आपातकालीन बैठक कर पूरी स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए हैं। शासन द्वारा जारी मुख्य गाइडलाइंस इस प्रकार हैं:
1.रेस्क्यू टीमें स्टैंडबाय पर:गाइडलाइन 1.
एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय पुलिस प्रशासन को संवेदनशील और संभावित लैंडस्लाइड जोन के पास 24 घंटे मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेस्क्यू शुरू किया जा सके।
2.मार्गों को खोलने के लिए मशीनरी तैनात:गाइडलाइन 2.
बंद पड़े राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों से मलबा हटाने के लिए पोकलेन, रॉक ब्रेकर्स और भारी जेसीबी मशीनों को जगह-जगह तैनात किया गया है ताकि आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति न रुके।
3.जनसुनवाई कार्यक्रम स्थगित:गाइडलाइन 3.
भारी बारिश और रेड अलर्ट के मद्देनजर जिलाधिकारियों ने अपने साप्ताहिक जनता मिलन और जनसुनवाई कार्यक्रमों को फिलहाल स्थगित कर दिया है ताकि पूरा प्रशासनिक अमला फील्ड में राहत कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सके।
यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए मौसम विभाग की सख्त एडवाइजरी
मौसम विभाग और प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद सावधानी बरतें।
-
अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता, तब तक पर्वतीय क्षेत्रों की गैर-जरूरी यात्राओं को पूरी तरह टाल दें।
-
नदी-नालों से दूर रहें: उफनते नदी-नालों और मौसमी गधेरों (बरसाती नालों) के आसपास जाने या उन्हें पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
-
आकाशीय बिजली से सावधान: बारिश के दौरान गर्जना होने पर पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में शरण न लें। सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर ही रहें। हरिद्वारा में बिजली गिरने से दो लोगों की दुखद मौत की पुष्टि हो चुकी है।