ईरान पर फूटा अमेरिकी गुस्से का ज्वालामुखी, 9वीं रात भी बमबारी से कांपा तेहरान; इजरायल की एंट्री से महायुद्ध का काउंटडाउन शुरू!

ईरान पर फूटा अमेरिकी गुस्से का ज्वालामुखी, 9वीं रात भी बमबारी से कांपा तेहरान; इजरायल की एंट्री से महायुद्ध का काउंटडाउन शुरू!

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है और किसी भी वक्त एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है। ईरान पर अमेरिका के गुस्से की आग इस कदर बरस रही है कि राजधानी तेहरान समेत कई इलाके लगातार 9वीं रात भी भीषण धमाकों से गूंज उठे। अमेरिकी फाइटर जेट्स और मिसाइलों ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बीच, इजरायल ने भी साफ कर दिया है कि वह ईरान पर एक बड़ा और निर्णायक हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

तेहरान में लगातार 9वीं रात तबाही: दहल उठे सैन्य ठिकाने

मिली जानकारी के मुताबिक, बीती रात अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के भीतर स्थित कमांड सेंटरों, हथियार डिपो और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर ताबड़तोड़ हमले किए। राजधानी तेहरान के बाहरी इलाकों में आसमान में सिर्फ आग की लपटें और धुएं का गुबार देखा गया। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह अब तक के सबसे भीषण हवाई हमलों में से एक थे, जिसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को पंगु बना दिया है। अमेरिका का साफ कहना है कि ईरान समर्थित गुटों द्वारा अमेरिकी संपत्तियों पर किए गए हमलों का यह करारा जवाब है।

इजरायल का 'ऑपरेशन ईरान': बेंजामिन नेतन्याहू ने दिए हमले के संकेत

अमेरिका के इन हमलों के बीच इजरायल ने भी अपनी कमर कस ली है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) के सूत्रों के हवाले से खबर है कि तेल अवीव में एक हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग हुई है, जिसमें ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के प्लान को अंतिम रूप दे दिया गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान ने जो गलती की है, उसका खामियाजा उसे भुगतना होगा। माना जा रहा है कि इजरायल इस बार ईरान के परमाणु ठिकानों या तेल रिफाइनरियों को निशाना बना सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

परमाणु ठिकानों पर मंडराया खतरा: वैश्विक बाजार में बढ़ी हलचल

अमेरिका और इजरायल के इस आक्रामक रुख से ईरान के भीतर गहरा खौफ है। हालांकि, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का दावा है कि वे किसी भी स्थिति से निपटने और पलटवार करने के लिए तैयार हैं। इस महातनाव का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक उछाल आ गया है और दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इजरायल ने सीधे ईरान पर मिसाइलें दागीं, तो यह संकट तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति में बदल सकता है।

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