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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और डिजिटल लाइफस्टाइल का सबसे बुरा असर हमारी नींद पर पड़ा है। दिनभर की थकान के बाद जब हम बिस्तर पर जाते हैं, तो दिमाग में चलने वाले विचार और तनाव नींद को कोसों दूर कर देते हैं। अगर आप भी अनिद्रा (Insomnia) के शिकार हैं और रात भर घड़ी की सुइयां गिनते रहते हैं, तो एक छोटा सा प्राकृतिक उपाय आपकी जिंदगी बदल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 'म्यूजिक थेरेपी' गहरी नींद के लिए किसी जादू से कम नहीं है।

क्यों नहीं आती रात में नींद? आज की जीवनशैली है जिम्मेदार

अनिद्रा की समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। पर्याप्त नींद न मिलने के कारण चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी और थकान जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। लोग अक्सर सोने से पहले मोबाइल फोन या टीवी का सहारा लेते हैं, जिससे निकलने वाली 'ब्लू लाइट' नींद के हार्मोन 'मेलाटोनिन' को रोक देती है।

संगीत: गहरी नींद का प्राकृतिक 'स्लीपिंग पिल'

कई वैज्ञानिक अध्ययनों से यह साबित हो चुका है कि सोने से पहले धीमा और सुकून देने वाला संगीत (Relaxing Music) सुनना नींद की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार करता है। यह तनाव को कम करने का सबसे सरल और बिना किसी साइड इफेक्ट वाला तरीका है।

तनाव हार्मोन में कमी: मधुर संगीत सुनने से शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर कम होता है। जब कोर्टिसोल कम होता है, तो मस्तिष्क शांत होता है और उसे सिग्नल मिलता है कि अब सोने का समय हो गया है।

हैप्पी हार्मोन का स्राव: धीमा संगीत मस्तिष्क में डोपामाइन के स्राव को बढ़ाता है, जिससे मन खुश और शांत रहता है, जिससे जल्दी और गहरी नींद आती है।

सोने से पहले म्यूजिक थेरेपी के फायदे

जल्दी नींद आना: संगीत सुनने से दिल की धड़कन और सांस लेने की गति धीमी हो जाती है, जो शरीर को 'स्लीप मोड' में ले जाती है।

गहरी नींद (Deep Sleep): यह न केवल आपको सुलाता है, बल्कि आपकी नींद को गहरा बनाता है ताकि आप सुबह तरोताजा महसूस करें।

चिंता से मुक्ति: संगीत मन को भटकाने वाले विचारों से दूर ले जाता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

नींद के लिए कैसा संगीत चुनें?

ध्यान रखें कि नींद के लिए हमेशा वाद्य यंत्रों वाला संगीत (Instrumental), प्रकृति की आवाजें (जैसे बारिश या समुद्र की लहरें) या धीमी लय वाला क्लासिकल संगीत ही चुनें। तेज बेस या शोर वाले गानों से बचें, क्योंकि वे दिमाग को और अधिक सक्रिय कर सकते हैं।