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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मिडिल ईस्ट के युद्ध के बीच दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद खाली हुए पद को भरते हुए ईरान ने मोजतबा खामेनेई को अपना नया 'सर्वोच्च नेता' (Supreme Leader) नियुक्त कर दिया है। 56 वर्षीय मोजतबा, दिवंगत अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। इस नियुक्ति के साथ ही ईरान ने अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश देते हुए मिसाइल हमलों की झड़ी लगा दी है, जिससे युद्ध के और भीषण होने की आशंका बढ़ गई है।

कौन हैं मोजतबा खामेनेई? पिता की तरह कट्टर और IRGC के करीबी

1969 में मशहद में जन्मे मोजतबा खामेनेई शुरू से ही सत्ता के केंद्र में रहे हैं। 1980 के दशक में उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में सैन्य सेवाएं दीं और वे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के बेहद करीबी माने जाते हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वे केवल 'उस्ताद के बेटे' नहीं हैं, बल्कि खुद भी एक कट्टरपंथी धर्मगुरु और रणनीतिकार हैं। 2005 के चुनावों में महमूद अहमदीनेजाद को जीत दिलाने के पीछे भी मोजतबा का ही दिमाग माना जाता था।

ट्रंप की धमकी को किया दरकिनार: "मेरी मंजूरी के बिना पद पर नहीं रह पाएगा"

ईरान का यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चुनौती के बाद आया है। ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया था कि ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में उनकी भूमिका होनी चाहिए, वरना नया नेता कुछ दिनों तक भी पद पर टिक नहीं पाएगा। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि नया नेता अमेरिका विरोधी नीतियों पर चलता है, तो उसे भी निशाना बनाया जा सकता है। ईरान ने ट्रंप की इन धमकियों को ठेंगा दिखाते हुए मोजतबा के नाम पर मुहर लगा दी।

वंशवाद के आरोपों के बीच कैसे हुआ चयन?

ईरान की सत्ताधारी विचारधारा वैसे तो वंशवाद (Inheritance) के खिलाफ रही है, लेकिन वर्तमान युद्ध की स्थिति को देखते हुए 'विशेषज्ञों की परिषद' (Assembly of Experts) ने मोजतबा को सबसे सुरक्षित विकल्प माना। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद तीन सदस्यीय अंतरिम परिषद देश चला रही थी, लेकिन परिषद के सदस्य एश्केवारी ने एक वीडियो संदेश में साफ कर दिया कि मतदान हो चुका है और खामेनेई परिवार का दबदबा बरकरार रहेगा।

इजराइल पर मिसाइल हमले: नए नेता की पहली 'अग्निपरीक्षा'

मोजतबा खामेनेई के नाम की आधिकारिक घोषणा होते ही ईरान ने अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए इजराइल पर जोरदार मिसाइल हमला किया है। ईरानी मीडिया का कहना है कि यह हमला उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता की हत्या का बदला है। इस हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मोजतबा के नेतृत्व में ईरान झुकने के बजाय और अधिक आक्रामक रुख अपनाएगा।