img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व में जारी महायुद्ध के बीच भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक विस्फोटक साक्षात्कार दिया है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर 'मानवता विरोधी' होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान अपने आत्मसम्मान के लिए मरते दम तक लड़ेगा। डॉ. इलाही ने स्पष्ट किया कि यदि जरूरत पड़ी तो ईरान इराक युद्ध की तरह एक बार फिर लगातार आठ वर्षों तक मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

"चीन और रूस का साथ मिलता तो स्थिति और बेहतर होती"

युद्ध में विदेशी मदद के सवालों पर डॉ. इलाही ने बड़ा बयान देते हुए कहा, "अगर चीन और रूस हमारा खुलकर समर्थन कर रहे होते, तो आज ईरान की स्थिति कहीं बेहतर होती।" उन्होंने पश्चिमी मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि रूस-चीन की मदद की बातें महज अफवाहें हैं। हालांकि, उन्होंने भारतीय जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीयों ने अमेरिका-इजरायल के हमलों का विरोध किया है और खामेनेई की शहादत पर अपनी संवेदनाएं जताई हैं।

पड़ोसी देशों को चेतावनी: "अमेरिका आपके बेस से हम पर हमला कर रहा है"

डॉ. इलाही ने अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका न्यूयॉर्क से नहीं, बल्कि ईरान के पड़ोसी देशों में बने सैन्य ठिकानों से हमले कर रहा है। उन्होंने कहा, "अमेरिका अब तक ईरान पर 200 से ज्यादा बार हमला कर चुका है। हमारे स्कूलों, अस्पतालों और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया है। यदि हमारे पड़ोसी देश अमेरिका को अपनी जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति न दें, तो अमेरिका हम पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकता।"

परमाणु हथियारों पर रुख: "धर्म में हराम है विनाशकारी हथियार"

डोनाल्ड ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए खामेनेई के प्रतिनिधि ने कहा कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं है और न ही वह इन्हें बनाना चाहता है। उन्होंने कहा, "हमारे धर्म के अनुसार परमाणु हथियार बनाना 'हराम' (पाप) है। आईएईए (IAEA) भी इस बात की पुष्टि कर चुकी है। अमेरिका केवल हमारे तेल, गैस और खदानों पर कब्जा करने के लिए झूठ फैला रहा है ताकि हथियारों का बाजार गर्म रहे।"

खामेनेई की शहादत: "जनता के बिना बंकर में जाने से किया था इनकार"

अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के विवरण साझा करते हुए डॉ. इलाही ने बताया कि हमले के समय उन्होंने बंकर में जाने से साफ मना कर दिया था। खामेनेई का कहना था, "मैं बंकर में तभी जाऊंगा जब आप 19 करोड़ ईरानियों के लिए बंकर बनाएंगे।" प्रतिनिधि ने बताया कि ईरान के सर्वोच्च नेता एक साधारण जीवन जीते थे और उनके चारों बेटों के पास अपना खुद का घर तक नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: "बंद किया तो दुनिया ठहर जाएगी"

दुनिया की धड़कन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल यह मार्ग खुला है। लेकिन अगर ईरान इसे बंद करने का फैसला करता है, तो दुनिया का कोई भी जहाज वहां से नहीं गुजर पाएगा। उन्होंने अफसोस जताया कि दुनिया इजरायल को युद्ध रोकने के लिए नहीं कह रही है, बल्कि सारा दबाव ईरान पर बनाया जा रहा है।