Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपने आवास स्थित 'संकल्प' कक्ष में बिहार कैडर के 2024 बैच के 12 प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवा अधिकारियों के प्रशिक्षण अनुभवों को विस्तार से सुना और उन्हें शासन के मूल मंत्र समझाए। नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीतियों को जमीन पर उतारने की असली जिम्मेदारी नौकरशाही की होती है और इसमें पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता सबसे अनिवार्य गुण हैं।
"सरकार नीति बनाती है, आप उसे सफल बनाते हैं"
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य और देश की प्रगति में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "सरकार जनहित में नीतियां और योजनाएं तैयार करती है, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन (Implementation) आप जैसे अधिकारियों के हाथों में होता है।" मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता, ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने की सलाह दी।
विविध राज्यों से आए युवा अफसर, बिहार में संभालेंगे कमान
मुलाकात करने वाले 12 प्रशिक्षु अधिकारियों में विविधता की झलक देखने को मिली। इनमें 4 अधिकारी बिहार के मूल निवासी हैं, जबकि 3 राजस्थान, 2 दिल्ली और 1-1 अधिकारी हरियाणा, तमिलनाडु एवं झारखंड से हैं। इन सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न जिलों में किए गए अपने कार्यों और अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों को सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इन 12 प्रशिक्षु अधिकारियों ने की मुलाकात:
मुख्यमंत्री से मिलने वाले दल में विरूपाक्ष विक्रम सिंह, प्रिया रानी, कृष्णा जोशी, प्रेम कुमार, सैयद आदिल मोहसिन, अजय यादव, सूरज कुमार, विग्नेश टी.ए., जतिन कुमार, के. परीक्षित, महेश कुमार एवं कशिश बख्शी शामिल थे।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार और कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह तथा मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण अवधि के बाद जब उनकी नियमित पोस्टिंग होगी, तब उन्हें जनता की सेवा करने का वास्तविक अवसर प्राप्त होगा।




