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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को एक दिवसीय बिहार दौरे पर पहुंचीं, जहां गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका भव्य और गरिमामय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए गया से लेकर नालंदा तक सुरक्षा व्यवस्था को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने के बाद राष्ट्रपति शाम को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के लिए रवाना हो गईं।

गया एयरपोर्ट पर लैंडिंग: राज्यपाल और केंद्रीय मंत्रियों ने किया अभिनंदन

मंगलवार सुबह करीब 10:50 बजे राष्ट्रपति का विशेष विमान गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। उनके आगमन पर बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी अगवानी की। इस दौरान हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और राज्य के मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। औपचारिक स्वागत के बाद राष्ट्रपति वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर से नालंदा के लिए रवाना हुईं।

सुरक्षा का अभेद्य किला: आसमान से जमीन तक 'हाई अलर्ट'

राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर गया, राजगीर और नालंदा को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा की कमान स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने संभाली थी, जबकि स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती रही।

हेलीकॉप्टर काफिला: सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति के मुख्य हेलीकॉप्टर के साथ तीन अन्य बैकअप हेलीकॉप्टर भी नालंदा तक उड़ान भरते नजर आए।

बैरिकेडिंग और चेकिंग: गया एयरपोर्ट से लेकर बोधगया के आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और ड्रोन के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई।

नालंदा में ज्ञान की गूंज और छात्रों का सम्मान

नालंदा विश्वविद्यालय के राजगीर स्थित नए परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किए। अपने संबोधन में उन्होंने नालंदा के गौरवशाली इतिहास और आधुनिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में देश-विदेश के कई विद्वान और राजनयिक भी शामिल हुए, जिससे पूरा वातावरण अंतरराष्ट्रीय ज्ञान केंद्र के रूप में जीवंत हो उठा।

मिशन बेंगलुरु: शाम को गया से प्रस्थान

नालंदा में अपने व्यस्त कार्यक्रम को संपन्न करने के बाद, राष्ट्रपति मुर्मू शाम करीब 5 बजे पुनः हेलीकॉप्टर से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लौटीं। यहां से वे अपने अगले पड़ाव, बेंगलुरु के लिए विशेष विमान से प्रस्थान कर गईं। प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के चलते राष्ट्रपति का यह पूरा दौरा अत्यंत सुचारु और सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।