चक्रवात अर्नब की दहाड़, किन राज्यों में कल बंद रहेंगे स्कूल?
बंगाल की खाड़ी और तटीय समुद्री इलाकों में उठे भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) ने देश के पूर्वी और तटीय राज्यों में भारी तबाही की आशंका बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए ताजा रेड अलर्ट और चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकारों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। चक्रवात की बढ़ती रफ्तार और तूफानी हवाओं के साथ होने वाली अति-भारी बारिश के खतरे को देखते हुए कई राज्यों के संवेदनशील जिलों में कल सभी सरकारी व निजी स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों को एहतियातन बंद रखने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। चक्रवात के तट से टकराने की प्रक्रिया (Landfall) के दौरान 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी गई है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
चक्रवात अर्नब की वर्तमान स्थिति और किन-किन राज्यों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान 'अर्नब' पिछले 12 घंटों के दौरान तेजी से उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ा है और यह अब एक बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में तब्दील हो चुका है। इसका सीधा और सबसे घातक असर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। ओडिशा के बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जगन्नाथपुरी जैसे निचले तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इसी तरह पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और कोलकाता के आसपास के इलाकों में चक्रवात के असर से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह चक्रवात बेहद शक्तिशाली हवाओं के साथ तटीय क्षेत्र से टकराएगा, जिससे कच्चे मकानों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और बड़े पेड़ों के उखड़ने का गंभीर जोखिम बना हुआ है।
किन-किन राज्यों के जिलों में कल बंद रहेंगे स्कूल और कॉलेज
चक्रवात अर्नब से बच्चों और छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों ने कल के लिए स्कूलों में अवकाश (School Holiday) घोषित कर दिया है। ओडिशा सरकार ने एहतियात के तौर पर तटीय और जोखिम वाले 10 से अधिक जिलों में पहली कक्षा से लेकर बारहवीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश जारी किया है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल सरकार ने भी दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के सभी शैक्षणिक संस्थानों में कल की छुट्टी की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों के स्थानीय प्रशासनों को स्थिति की समीक्षा कर तत्काल प्रभाव से स्थानीय स्तर पर स्कूल-कॉलेज बंद करने के अधिकार सौंपे गए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो इस छुट्टी को आगे भी बढ़ाया जा सकता है ताकि किसी भी छात्र की सुरक्षा से समझौता न हो।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और तटरक्षक बल अलर्ट पर, एनडीआरएफ की टीमें तैनात
तटीय इलाकों में चक्रवात अर्नब के खतरे से निपटने और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत राहत पाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने राहत बलों को मुस्तैद कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की कई दर्जन टीमों को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के सबसे संवेदनशील और तटीय इलाकों में पहले से ही तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। नौसेना और वायुसेना को भी किसी भी तरह के बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा निचले और असुरक्षित इलाकों में रहने वाले लोगों को निकालकर सुरक्षित आश्रय स्थलों (Cyclone Shelters) में पहुंचाया जा रहा है, जहां उनके लिए भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा का पर्याप्त प्रबंध किया गया है। मछुआरों को अगले तीन दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह जारी की गई है।
आम जनता के लिए सुरक्षा एडवाइजरी और नियंत्रण कक्ष स्थापित
चक्रवात के दौरान जान-माल के नुकसान को कम से कम करने के लिए मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता के लिए विस्तृत सुरक्षा निर्देश (Safety Advisory) जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें, विशेषकर तेज हवाओं और भारी बारिश के समय पक्के मकानों के भीतर ही शरण लें। पुराने व जर्जर भवनों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए राज्य और जिला स्तर पर 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा जरूरी दवाओं, पीने के पानी, टॉर्च और सूखे भोजन की व्यवस्था पहले से करके रखने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर और रेडियो-टीवी के माध्यम से पल-पल की ताजा जानकारी लोगों तक पहुंचा रहा है ताकि किसी भी तरह की अफवाहों से बचा जा सके।