जामिया में वेल्डिंग करके सील किए जा रहे गेट, 8 नवंबर तक ऑनलाइन क्लासेज, प्रदर्शन पर रोक
देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शुमार जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में एक बार फिर से तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिल रही है। परिसर के भीतर बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। प्रशासन ने न केवल 8 नवंबर तक सभी पाठ्यक्रमों की नियमित कक्षाओं को निलंबित कर उन्हें पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिया है, बल्कि विश्वविद्यालय के मुख्य द्वारों को वेल्डिंग करवाकर पक्के तौर पर सील करने का काम भी शुरू कर दिया है। इसके साथ ही पूरे कैंपस में किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन या सभा करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। रिपोर्टर की जमीनी पड़ताल के अनुसार, परिसर में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा जा सके।
परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गेट सील करने की वजह
जामिया परिसर में पिछले कुछ दिनों से विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा कई मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी और प्रदर्शन किए जा रहे थे। छात्रों के उग्र प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में भारी बाधा उत्पन्न हो रही थी। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर फैसला लिया कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त बनाया जाए। इसके तहत गेट नंबर 7 सहित कई प्रमुख प्रवेश द्वारों पर लोहे की छड़ों से वेल्डिंग करवाकर उन्हें बंद किया जा रहा है ताकि अनाधिकृत तत्वों और बाहरी भीड़ का प्रवेश पूरी तरह रोका जा सके। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल परिसर में शांति बनाए रखने और संपत्ति की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
8 नवंबर तक ऑनलाइन मोड में चलेंगी क्लासेज
छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसे ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिसूचना जारी की है कि 8 नवंबर तक सभी विभागों, संकायों और केंद्रों की क्लासेज ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गूगल मीट औरZoom जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर अपना पाठ्यक्रम समय पर पूरा करवाएं। हालांकि, कई छात्रों ने इस निर्णय पर नाराजगी जताई है और उनका कहना है कि ऐन मौके पर ऑनलाइन मोड में शिफ्ट करने से दूर-दराज के क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों और प्रैक्टिकल-लैब वर्क करने वाले शोधार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थितियों की समीक्षा करने के बाद ही भौतिक कक्षाओं (Physical Classes) को दोबारा शुरू करने पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
धारा 144 और पुलिस-अर्धसैनिक बलों का कड़ा पहरा
जामिया मिलिया इस्लामिया के आसपास के इलाकों जैसे जामिया नगर, ओखला और शाहीन बाग में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से परिसर के बाहर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ त्वरित कार्य बल (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की टुकड़ियाँ तैनात कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय के आसपास चार से अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी असामाजिक तत्व को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और यदि कोई कानून तोड़ता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संगठनों का विरोध और प्रशासन का पक्ष
दूसरी ओर, विभिन्न छात्र संगठनों का आरोप है कि प्रशासन लोकतांत्रिक तरीकों से उठाई जा रही आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रहा है और गेटों को वेल्डिंग के जरिए बंद करना विश्वविद्यालय के खुले माहौल के खिलाफ है। छात्रों का कहना है कि उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि संस्थान में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना और सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता है, जिसके लिए ये सख्त एहतियाती कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।