Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के कोटद्वार में बहुचर्चित 'मोहम्मद दीपक' प्रकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में यति परमानंद गिरि के साथ हुई कथित मारपीट और उनकी गिरफ्तारी के विरोध में संत समाज ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर भारी प्रदर्शन के बाद संतों ने सीधे मुख्यमंत्री आवास (देहरादून) कूच का ऐलान कर दिया। संतों के इस औचक कदम से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और उन्हें रास्ते में ही रोकने के लिए जगह-जगह नाकेबंदी कर दी गई है।
सर्वानंद घाट से शुरू हुआ संतों का पैदल मार्च
मिली जानकारी के अनुसार, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि के शिष्य स्वामी यतीरणसिंहानंद गिरी के नेतृत्व में संतों का जत्था मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे सर्वानंद घाट से पदयात्रा पर निकला। इस पदयात्रा में यति रामस्वरूपानंद गिरी, यति परमात्मानंद गिरी और महंत योगी सरोजनाथ जैसे प्रमुख संत शामिल हैं। संतों का साफ कहना है कि कोटद्वार पुलिस ने संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे।
पुलिस को छकाकर वाहनों से देहरादून निकले संत
जैसे ही संतों की पदयात्रा शुरू हुई, हरिद्वार पुलिस ने उन्हें कानून-व्यवस्था का हवाला देकर रोकने की कोशिश की। लेकिन संतों का संकल्प अडिग था। पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद, संत अचानक अलग-अलग वाहनों में सवार होकर देहरादून की ओर निकल पड़े। इस कदम ने पुलिस को चक्रव्यूह में डाल दिया है। अब संतों को ऋषिकेश या देहरादून की सीमा पर रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मोबाइल लोकेशन से संतों की 'किलाबंदी' की तैयारी
संतों के इस औचक कूच के बाद उत्तराखंड पुलिस 'अलर्ट मोड' पर है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब संतों की मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर रही है ताकि उन्हें मुख्यमंत्री आवास पहुंचने से पहले ही किसी सुरक्षित स्थान पर रोका जा सके। रास्ते में जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। संतों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है, जबकि वे केवल न्याय की मांग लेकर सीएम धामी से मिलना चाहते हैं।
क्या है पूरा कोटद्वार मोहम्मद दीपक प्रकरण?
दरअसल, यह विवाद कोटद्वार में 'मोहम्मद दीपक' नाम के एक व्यक्ति के मामले से शुरू हुआ, जिसमें पुलिस कार्रवाई के दौरान संतों के साथ कथित अभद्रता की खबरें सामने आईं। संत समाज का आरोप है कि पुलिस ने यति परमानंद गिरि के साथ न केवल मारपीट की बल्कि उन्हें अपमानजनक तरीके से गिरफ्तार भी किया। इसी अपमान का बदला लेने और पुलिसिया कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर संत समाज अब सड़कों पर है।




