Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब में बीते 24 घंटों के भीतर आम आदमी पार्टी से जुड़े दो नेताओं की हत्या से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। ताजा घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली घटना जालंधर की है, जहां गुरुद्वारा साहिब के पास आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबराॅय की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। शुक्रवार तड़के हुई इस वारदात की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
वहीं दूसरी घटना तरनतारन जिले के खेमकरण विधानसभा क्षेत्र के गांव चीमा खुर्द की है। यहां आम आदमी पार्टी समर्थक सरपंच गुरभेज सिंह की उनके ही गांव के पूर्व सरपंच शरनजीत सिंह ने साथियों के साथ मिलकर तेजधार हथियारों से हत्या कर दी।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या सरपंच पद को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश का नतीजा है। गुरभेज सिंह सेना से सेवानिवृत्त थे और हाल ही में पंचायत चुनाव जीतकर सरपंच बने थे। जबकि पूर्व सरपंच शरनजीत सिंह पहले कांग्रेस से जुड़े थे और बाद में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे।
बताया जा रहा है कि विधायक सरवन सिंह धुन ने गांव वालों की सहमति से गुरभेज सिंह के नाम का समर्थन किया था, जिससे शरनजीत नाराज चल रहा था। गुरुवार दोपहर गुरभेज सिंह गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी हथियारों से लैस शरनजीत अपने चाचा प्रताप सिंह और अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा।
गुरभेज के भाई गुरचेत सिंह के अनुसार, आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर विरोध करने पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गुरभेज को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि पीड़ित के परिजनों के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस दोनों हत्याओं की अलग-अलग जांच कर रही है।




