Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर बड़ी घेराबंदी शुरू कर दी है। सोमवार को मोगा में हुई एक अहम बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आगामी 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान मतदाता सूची पर पैनी नजर रखें। पार्टी का लक्ष्य है कि विपक्ष की किसी भी साजिश के चलते 'आप' समर्थकों के वोट न कटने पाएं।
1. मतदाता सूची (SIR): बिहार के अनुभव से सबक
मनीष सिसोदिया ने विधायकों को सचेत किया कि बिहार में SIR के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए थे।
विधायकों को टास्क: हर विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ समन्वय करें।
बूथ कमेटियां: विधायकों ने सुझाव दिया कि हर बूथ पर पार्टी के अपने सक्रिय कार्यकर्ता होने चाहिए, जो यह सुनिश्चित करें कि योग्य मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें और नए वोट समय पर जुड़ें।
2. 'मुख्यमंत्री सेहत योजना': 10 लाख का हेल्थ कार्ड बनेगा हथियार
बैठक में पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
डाटा कलेक्शन: सिसोदिया ने कहा कि हेल्थ कार्ड बनाने की प्रक्रिया में वोटर आईडी और आधार कार्ड लिए जा रहे हैं। इससे पार्टी के पास सटीक डाटा आएगा और यह पता चल जाएगा कि किस इलाके में कितने वोटर्स सक्रिय हैं।
जनता से जुड़ाव: विधायकों को निर्देश दिए गए कि वे खुद गांवों और मोहल्लों में जाकर लोगों के हेल्थ कार्ड बनवाने में मदद करें, जिससे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा श्रेय पार्टी को मिले।
3. 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना': बुजुर्गों का आशीर्वाद और वोट
पार्टी प्रभारी ने विधायकों से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का अधिकतम लाभ उठाने को कहा।
रणनीति: अधिक से अधिक बुजुर्गों और उनके परिवारों को इस योजना के तहत धार्मिक स्थलों की यात्रा पर भेजकर उन्हें पार्टी की विचारधारा और विकास कार्यों से जोड़ा जाए। यह योजना 'साइलेंट वोटर्स' को साधने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
4. नशा मुक्ति और 'विलेज डिफेंस कमेटियां' (VDC)
पंजाब में नशे की तस्करी रोकने के लिए पार्टी ने एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है:
सवा लाख की टीम: हर गांव में 8-10 लोगों की 'विलेज डिफेंस कमेटियां' बनाई गई हैं।
ग्राम रक्षा दल: अब तक लगभग 1.5 लाख लोग इन कमेटियों से जुड़ चुके हैं। ये कमेटियां न केवल नशा रोकने में मदद कर रही हैं, बल्कि गांव स्तर पर पार्टी की एक मजबूत 'इंटेलिजेंस' और 'वर्कर यूनिट' के रूप में भी काम कर रही हैं।




