नाकाम हुई पाकिस्तान की नापाक साजिश, ISI का मोहरा कुलवंत अली फरीदाबाद से अरेस्ट
सीमा पार से भारत की शांति और सुरक्षा को भंग करने की नापाक कोशिशों में जुटे पाकिस्तानी खुफिया तंत्र आईएसआई (ISI) को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर करारा झटका दिया है। फरीदाबाद और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में जारी एक विशेष व गुप्त अभियान के तहत पुलिस और खुफिया विभाग की संयुक्त टीम ने पाकिस्तान के इशारों पर काम कर रहे आईएसआई एजेंट कुलवंत अली को गिरफ्तार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों को काफी समय से इस संदिग्ध की गतिविधियों, डिजिटल फुटप्रिंट्स और गोपनीय संदेशों के आदान-प्रदान पर नजर रखने के बाद यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुलवंत अली की गिरफ्तारी से पाकिस्तान द्वारा भारत के संवेदनशील सैन्य व रणनीतिक ठिकानों की जासूसी कराने की साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई है।
फरीदाबाद से संचालन और संवेदनशील सुरक्षा जानकारी लीक करने का गंभीर आरोप
प्राथमिक जांच और सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कुलवंत अली लंबे समय से फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। वह आईएसआई में बैठे अपने पाकिस्तानी हैंडलरों के लगातार संपर्क में था और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स, फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल तथा वीपीएन (VPN) तकनीक का उपयोग करके भारत के रणनीतिक बुनियादी ढांचों, सैन्य गतिविधियों व संवेदनशील प्रतिष्ठानों की जानकारियां सीमा पार भेज रहा था। सुरक्षा एजेंसियों ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, कई संदिग्ध सिम कार्ड, फर्जी पहचान पत्र और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। इन डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में पाकिस्तानी नंबरों से सीधी बातचीत और खुफिया डेटा साझा किए जाने के पुख्ता प्रमाण सामने आए हैं।
हवाला नेटवर्क और मनी ट्रेल के जरिए आईएसआई से मिल रही थी आर्थिक मदद
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे जासूसी सिंडिकेट को चलाने के लिए कुलवंत अली को पाकिस्तानी हैंडलर्स की ओर से अवैध हवाला नेटवर्क, क्रिप्टोकरेंसी और बेनामी बैंक खातों के जरिए नियमित फंड मुहैया कराया जा रहा था। इस पैसों का इस्तेमाल वह भारत में अपने स्थानीय नेटवर्क को फैलाने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जासूसी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहा था। पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अब कुलवंत अली के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहनता से पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि देश के भीतर उसके और कौन-कौन से मददगार या स्लीपर सेल सक्रिय थे, जिन्हें वह आर्थिक मदद या निर्देश पहुंचा रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और पूछताछ में हो सकते हैं कई बड़े खुलासे
कुलवंत अली की गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है, जहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), खुफिया ब्यूरो (IB) और स्थानीय स्पेशल सेल की टीमें उससे संयुक्त रूप से कड़ी पूछताछ कर रही हैं। कस्टडी रिमांड के दौरान उससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने अब तक कौन-कौन सी गोपनीय जानकारियां सीमा पार भेजी हैं और हरियाणा तथा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में उसके साथ और कौन से मोहरे जुड़े हुए थे। इस सफल ऑपरेशन के बाद फरीदाबाद और आसपास के सभी संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि इस पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में देशविरोधी नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
भारत की मजबूत सुरक्षा रणनीति के आगे बार-बार पस्त हो रही हैं नापाक साजिशें
यह पहली बार नहीं है जब सीमा पार बैठा पाकिस्तानी खुफिया तंत्र भारत की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा हो। हाल के महीनों में भारतीय सुरक्षा बलों और साइबर सर्विलांस टीमों ने बेहद तत्परता दिखाते हुए आईएसआई के कई मॉड्यूल्स को समय रहते ध्वस्त किया है। कुलवंत अली की फरीदाबाद से हुई यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी भारत की अत्याधुनिक जनरेटिव इंटेलिजेंस, साइबर निगरानी तंत्र और एजेंसियों के सटीक तालमेल का नतीजा है। इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ संदेश दे दिया है कि भारतीय धरती पर देश की संप्रभुता और सुरक्षा से खिलवाड़ करने की किसी भी नापाक कोशिश को बख्शा नहीं जाएगा।