Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बर्फबारी और सड़क फिसलन से मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। मैदानी क्षेत्रों में मंगलवार को तेज धूप खिलने से राहत मिली, लेकिन मौसम का मिजाज जल्द ही बदलने वाला है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ओलावृष्टि और अंधड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ों में बर्फबारी और यातायात प्रभावित
शुक्रवार की भारी बर्फबारी के बाद पहाड़ी इलाकों में सड़कें फिसलन भरी हैं और कई जगह यातायात बाधित है। मसूरी, धनोल्टी, चकराता और अन्य हिल स्टेशनों पर पर्यटकों की भारी भीड़ ने ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस यातायात सुचारू करने में जुटे हैं।
मार्ग और बिजली की बहाली
थल–मुनस्यारी मार्ग तीन दिन बाद यातायात के लिए खोल दिया गया।
नगर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
हालांकि चोपता, नीति और बदरीनाथ हाईवे अब भी बंद हैं। नीति हाईवे मलारी से आगे और बदरीनाथ हाईवे हनुमानचट्टी से माणा तक अवरुद्ध हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार:
मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क और धूप खिली रहेगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक बादल और ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी संभव है।
देहरादून, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर में 40-50 किमी/घंटा की झोंकेदार हवाओं के साथ गर्जन और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट।
उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा में 30-40 किमी/घंटा की हवाओं के साथ ओलावृष्टि की संभावना।
हेमकुंड-बदरीनाथ में ठंड और बर्फबारी
चमोली जिले में हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ के ऊंचे स्थानों पर बर्फबारी जारी है। निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। भारी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए चमोली का रुख कर रहे हैं।
प्रभावित सेवाएं
बिजली आपूर्ति और मोबाइल संचार धीरे-धीरे बहाल हो रहे हैं।
अभी भी 100 से अधिक गांव हिमाच्छादित हैं।
बर्फबारी से फसलों को लाभ पहुंच रहा है।
उत्तराखंड में मौसम की यह स्थिति अगले कुछ दिनों में बदल सकती है, इसलिए प्रशासन ने पर्वतीय इलाकों में सतर्कता बरतने की अपील की है।




