Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पाकिस्तान क्रिकेट में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद अब एक नया और बड़ा खुलासा सामने आया है जिसने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। रिपोर्टों की मानें तो कप्तान बाबर आजम और विस्फोटक बल्लेबाज फखर जमां टूर्नामेंट के दौरान पूरी तरह फिट नहीं थे। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब पाकिस्तान टीम के फिजियो और मेडिकल स्टाफ सीधे तौर पर सवालों के घेरे में आ गए हैं। आरोप लग रहे हैं कि टीम मैनेजमेंट ने जानबूझकर खिलाड़ियों की फिटनेस रिपोर्ट को नजरअंदाज किया और उन्हें मैदान पर उतारा।
अनफिट थे मुख्य खिलाड़ी, फिर भी क्यों खिलाया?
विश्व कप के दौरान पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही थी, और अब इसकी मुख्य वजह खिलाड़ियों की चोट बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, बाबर आजम घुटने की समस्या से जूझ रहे थे, जबकि फखर जमां की मांसपेशियों में खिंचाव था। इसके बावजूद मेडिकल टीम ने उन्हें 'फिट' घोषित कर दिया। पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खिलाड़ी 100 प्रतिशत फिट नहीं थे, तो उन्हें बेंच पर क्यों नहीं बैठाया गया? क्या टीम में कोई ऐसा दबाव था कि स्टार खिलाड़ियों को अनफिट होने के बावजूद अंतिम एकादश में जगह दी गई? यह सवाल अब पीसीबी के गलियारों में गूंज रहा है।
फिजियो की रिपोर्ट पर उठे सवाल, जांच की तैयारी
पाकिस्तान टीम के फिजियो क्लिफ डिकॉन अब इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने खिलाड़ियों की रिकवरी प्रक्रिया में लापरवाही बरती और बोर्ड को गलत जानकारी दी। पीसीबी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बोर्ड अब मेडिकल स्टाफ की भूमिका की विस्तृत जांच कराने पर विचार कर रहा है। यदि यह साबित हो जाता है कि अनफिट खिलाड़ियों को मैदान पर उतारने में मेडिकल स्टाफ की मिलीभगत थी, तो कई बड़े नामों की टीम से छुट्टी हो सकती है। पाकिस्तान की जनता पहले ही टीम के प्रदर्शन से नाराज है, और अब इस खुलासे ने आग में घी डालने का काम किया है।
फिटनेस कल्चर पर फिर मचा बवाल
पाकिस्तान क्रिकेट में फिटनेस हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। हाल ही में खिलाड़ियों के यो-यो टेस्ट और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को लेकर काफी सख्ती की गई थी, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर प्रमुख खिलाड़ियों का अनफिट होना बोर्ड के दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाबर और फखर जैसे सीनियर खिलाड़ियों की खराब फिटनेस का असर पूरी टीम के मनोबल और मैदान पर फील्डिंग के स्तर पर भी पड़ा। अब देखना यह होगा कि पीसीबी इस विवाद पर क्या सफाई देता है और आने वाले दौरों के लिए टीम के फिटनेस प्रोटोकॉल में क्या बदलाव किए जाते हैं।
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