Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब सरकार ने राज्य में ड्रग तस्करी और संगठित अपराधियों को जड़ से समाप्त करने के लिए आज से 72 घंटे का विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया। इस अभियान में लगभग 12,000 पुलिसकर्मी लगभग 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि 60 कुख्यात गैंगस्टरों को अब यह नहीं सोचना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं।
गैंगस्टरों और ड्रग नेटवर्क की पूरी मैपिंग
ऑपरेशन के तहत सिर्फ गिरफ्तारियां नहीं बल्कि ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी मैपिंग की जा रही है। हर गैंगस्टर की भूमिका, फाइनेंसर, हथियार सप्लायर, ड्रग सप्लाई चेन, सेफ हाउस, डिजिटल कम्युनिकेशन और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर हर एक कड़ी पर कार्रवाई की जाएगी।
60 कुख्यात गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस
विदेशों में बैठे 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या जारी करने की प्रक्रिया में हैं। बाकी 37 के खिलाफ अगले तीन महीनों में कानूनी कार्रवाई पूरी कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इन अपराधियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है।
विशेष ढांचा और जिम्मेदार अधिकारी
आईजी काउंटर इंटेलिजेंस पूरे ऑपरेशन के प्रभारी हैं। एडीजीपी आशिष चौधरी को ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल की जिम्मेदारी मिली है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख डीआईजी गुरमीत चौहान राज्य और देशभर में कार्रवाई करेंगे। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के डीआईजी अखिल चौधरी ड्रग सप्लाई चेन और तस्करी के रूट तोड़ने पर काम करेंगे। एआईजी ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस कमलदीप सिंह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी और तकनीकी मैपिंग संभाल रहे हैं।
ड्रग तस्करों की संपत्तियां फ्रीज, आर्थिक रीढ़ तोड़ी जा रही
पुलिस ने बताया कि 68 एनडीपीएस मामलों में ड्रग तस्करों की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। अपराध से अर्जित धन और अवैध व्यवसाय जब्त किए जा रहे हैं ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह टूट सके। सरकार ने स्पष्ट किया कि युवा जो मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा, लेकिन तस्करी या गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
एंटी ड्रग हेल्पलाइन और रिवार्ड पॉलिसी
एंटी ड्रग हेल्पलाइन: 93946 93946, 24×7 सक्रिय।
डीजीपी ने रिवार्ड पॉलिसी भी लागू की है: सूचना गुप्त रखने पर इनाम, एनडीपीएस और ड्रग नेटवर्क से जुड़ी जानकारी देने पर 10 करोड़ रुपये तक का इनाम, पुलिस कमिश्नर/डीआईजी रेंज तक 2 लाख रुपये तक, DCP स्तर से ऊपर 2 लाख से अधिक, ड्रग की कमर्शियल बरामदगी पर 60,000 रुपये प्रति किलो, एनडीपीएस दोषसिद्धि पर 40,000 रुपये संबंधित अधिकारी को, संपत्ति फ्रीज़ कराने पर 20,000 रुपये और PIT-NDPS प्रस्ताव तैयार करने पर 50,000 रुपये। यह नीति 1 सितंबर 2024 से प्रभावी है।




