Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में ट्रंप व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में अपनी 'रेसोल्यूट डेस्क' पर बैठे हैं, जबकि देश भर से आए प्रमुख पादरी (Pastors) उन्हें घेरकर उनके ऊपर हाथ रखकर प्रार्थना कर रहे हैं। युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहली बार है जब ट्रंप को सार्वजनिक रूप से इस तरह आध्यात्मिक शरण में देखा गया है।
'ईश्वर हमें शक्ति दे': ट्रंप की ओवल ऑफिस में खास सभा
शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को आयोजित इस प्रार्थना सभा में राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के दिग्गज पादरियों को आमंत्रित किया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रंप अपनी आँखें बंद किए हुए हैं, जबकि पादरी टोम मुलिन्स (Tom Mullins) और अन्य धर्मगुरु राष्ट्र की सुरक्षा और अमेरिकी सैनिकों की सलामती के लिए ईश्वर से गुहार लगा रहे हैं। व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया सलाहकार डैन स्काविनो ने इस पल को साझा करते हुए लिखा, "ईश्वर अमेरिका को आशीर्वाद दें।"
युद्ध के मोर्चे पर बढ़ता तनाव: 27 फरवरी का वह आदेश
यह प्रार्थना सभा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अपने चरम पर है। याद दिला दें कि 27 फरवरी 2026 को ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' (Operation Epic Fury) के तहत ईरान पर हवाई हमलों का आदेश दिया था। इस युद्ध में अब तक आधिकारिक तौर पर 6 अमेरिकी सैनिक शहीद हो चुके हैं, जबकि ईरान में भारी तबाही की खबरें हैं। अमेरिका पांच साल बाद एक बार फिर बड़े युद्ध की आग में झोंका जा चुका है।
विरोध के स्वर: 50% से अधिक अमेरिकी युद्ध के खिलाफ
भले ही व्हाइट हाउस में प्रार्थनाएं चल रही हों, लेकिन अमेरिकी जनता के बीच इस युद्ध को लेकर भारी असंतोष है। एक्सियोस (Axios) के हालिया सर्वे के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक अमेरिकी नागरिक ईरान के साथ इस सीधे टकराव का विरोध कर रहे हैं। वहीं, खाड़ी देशों (Gulf Countries) की नाराजगी ने भी ट्रंप प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में कई अरब देशों के ठिकानों को भी निशाना बनाया है।
पवित्र आह्वान: "राष्ट्रपति को मिले मार्गदर्शक शक्ति"
प्रार्थना के दौरान पादरियों ने विशेष रूप से ट्रंप के लिए 'दैवीय मार्गदर्शन' (Divine Guidance) मांगा। पादरी ने कहा, "हे प्रभु, हम प्रार्थना करते हैं कि आप हमारे राष्ट्रपति को इस कठिन समय में राष्ट्र का नेतृत्व करने की शक्ति दें।" इस वीडियो को ट्रंप समर्थकों द्वारा एक भावनात्मक और शक्तिशाली संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि आलोचक इसे युद्ध से ध्यान भटकाने का तरीका बता रहे हैं।




