Punjab News: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त! मान सरकार को दी हिदायत; जरूरत पड़ने पर 'एस्मा' लगाने का आदेश
पंजाब के विभिन्न शहरों में सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से चल रही हड़ताल के कारण सड़कों पर पसरे गंदगी के अंबार और जनता को हो रही भारी परेशानी पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को इस संकट से निपटने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। माननीय अदालत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के अधिकार से समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए यदि हालात पर काबू पाने के लिए जरूरत पड़े, तो राज्य सरकार तुरंत एस्मा (ESMA - Essential Services Maintenance Act) लागू करने से भी पीछे न हटे।
शहरों में डंपिंग ग्राउंड जैसे हालात, जनता का जीना मुहाल
दरअसल, अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के नगर निगमों और नगर काउंसिलों के सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे हैं। इसके चलते राज्य के प्रमुख शहरों की मुख्य सड़कों, रिहायशी इलाकों और बाजारों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। मानसून के इस मौसम में बारिश के कारण सड़ रहे कचरे से बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन और सरकार द्वारा कर्मचारियों के साथ की गई बातचीत के बेअसर रहने के बाद यह मामला अदालत की चौखट पर पहुंचा, जहां कोर्ट ने मौजूदा स्थिति को बेहद चिंताजनक माना।
हाईकोर्ट की दो टूक: आवश्यक सेवाएं ठप करने की इजाजत नहीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पंजाब सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी संगठन या यूनियन को अपनी मांगें मनवाने के लिए आम जनता की जिंदगी को दांव पर लगाने और आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह ठप करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित कर जल्द से जल्द इस गतिरोध को खत्म करे, लेकिन साथ ही समानांतर व्यवस्था भी बनाए रखे ताकि शहरों की सफाई व्यवस्था बाधित न हो।
क्या है 'एस्मा' (ESMA) और इससे कैसे बदलेगी स्थिति?
अदालत ने अपने आदेश में जिस 'एस्मा' (आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम) का जिक्र किया है, वह सरकार को एक विशेष शक्ति प्रदान करता है। यदि पंजाब सरकार राज्य में एस्मा लागू कर देती है, तो:
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हड़ताल पर पूरी तरह रोक: सफाई कर्मचारियों के लिए हड़ताल पर जाना पूरी तरह से गैर-कानूनी हो जाएगा।
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काम पर लौटने की बाध्यता: सभी कर्मचारियों को तुरंत अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
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सख्त कानूनी कार्रवाई: आदेश का उल्लंघन करने या काम पर न लौटने वाले प्रदर्शनकारियों को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है और उन पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ जेल की सजा का प्रावधान भी लागू हो सकता है।
सरकार को जल्द से जल्द स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को कानून व्यवस्था और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की खुली छूट दे दी है। इसके साथ ही, अदालत ने स्थानीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे वैकल्पिक कर्मियों या पुलिस सुरक्षा के बीच सफाई अभियान शुरू करवाएं ताकि शहरों को कचरा मुक्त किया जा सके। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई तक सरकार से पूरी कार्रवाई की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) भी तलब की है।