Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मूली को सर्दियों का प्राकृतिक सुपरफूड कहा जाता है। मूली में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करते हैं। यह पाचन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है। कई लोग इसे सलाद या सब्जी के रूप में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके पूरे लाभ प्राप्त करने के लिए सही तरीका, समय और मात्रा जानना जरूरी है। आइए इसके बारे में और जानें।
मूली में मौजूद फाइबर बहुत उपयोगी होता है।
मूली फाइबर से भरपूर होती है, जो शरीर को भोजन पचाने में मदद करती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है। इसके अलावा, इसमें विटामिन सी भी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। सर्दियों में वायरस और सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए विटामिन सी की अधिक आवश्यकता होती है, और मूली इसे प्राकृतिक रूप से प्रदान करती है।
पोटेशियम भी अत्यंत लाभकारी होता है।
मूली में पोटेशियम भी होता है, जो हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने, रक्तचाप को नियंत्रित करने और मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने में सहायक होता है। इसके अलावा, मूली में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालकर शरीर को अंदर से विषमुक्त करते हैं।
कच्ची मूली कैसे खाएं?
कच्ची मूली खाने के कई तरीके हैं। इसे कद्दूकस करके दही के साथ रायता बनाया जा सकता है, नींबू और काले नमक के साथ सलाद के रूप में खाया जा सकता है, या पतले-पतले टुकड़ों में काटकर नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, कच्ची मूली शरीर में गर्मी और ऊर्जा उत्पन्न करती है, इसलिए सर्दियों में इसे खाने से ऊर्जा मिलती है और पाचन तंत्र मजबूत होता है।
मूली खाने के क्या फायदे हैं?
मूली का छिलका भी बहुत उपयोगी होता है। इसके छिलके में फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं, इसलिए इसे छिलके सहित खाने से पाचन और एंटीऑक्सीडेंट लाभ दोगुने हो जाते हैं। मूली न केवल पाचन के लिए फायदेमंद है बल्कि बीमारियों से राहत दिलाने में भी सहायक है। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंजाइम और फाइबर पाचन तंत्र को सक्रिय करते हैं, जिससे पाचन क्रिया तेज होती है और गैस, एसिडिटी और भारीपन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
सर्दी-जुकाम में भी फायदेमंद।
मूली में सूजन-रोधी गुण भी होते हैं, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों और तरल पदार्थों को निकालकर सूजन को कम करने में मदद करते हैं। आयुर्वेद इसे सर्दी, कफ और बलगम दूर करने में सहायक सब्जी मानता है। यह शरीर से अतिरिक्त गर्मी और विषाक्त पदार्थों को निकालता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और संक्रमण से बचाता है। मूली कम कैलोरी वाला और पौष्टिक नाश्ता है, जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए आदर्श है। हालांकि, दिन में बहुत अधिक मूली खाने से गैस या पेट दर्द हो सकता है। इसलिए, प्रतिदिन लगभग 100-150 ग्राम मूली पर्याप्त मानी जाती है।
क्या आपको रात में मूली खानी चाहिए?
आपको रात में मूली खाने से बचना चाहिए। खासकर अगर आपको थायरॉइड या एसिडिटी की समस्या है, तो मूली का सेवन बिल्कुल न करें। इसके अलावा, मूली खाने से शरीर के अंदरूनी विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद मिलती है। यह त्वचा के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है। नियमित रूप से मूली खाने से झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा निखरती है।




