राजस्थान के IAS-IPS अधिकारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा, अब 63 फीसदी DA मिलेगा; 1 जुलाई से होगा लागू

राजस्थान के IAS-IPS अधिकारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा, अब 63 फीसदी DA मिलेगा; 1 जुलाई से होगा लागू

राजस्थान के प्रशासनिक महकमे से जुड़ी एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। प्रदेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों को एक बड़ा तोहफा देते हुए उनके महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब अखिल भारतीय सेवाओं (AIS) के अधिकारियों का कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 63 फीसदी हो गया है। सबसे खास बात यह है कि बढ़ा हुआ यह महंगाई भत्ता 1 जुलाई से प्रभावी माना जाएगा, जिससे अधिकारियों को पिछले महीनों का एरियर भी एकमुश्त प्रदान किया जाएगा। सरकार के इस कदम से राज्य में कार्यरत सैकड़ों वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों के वेतन में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा, जिससे प्रशासनिक गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

राजस्थान सरकार का प्रशासनिक अधिकारियों को बड़ा तोहफा

राजस्थान के मुख्यमंत्री और राज्य वित्त विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने वाले शीर्ष अधिकारियों को यह वित्तीय राहत दी है। केंद्र सरकार द्वारा अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के महंगाई भत्ते में संशोधन के बाद राज्य सरकार ने भी बिना किसी देरी के इसे राजस्थान में लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से जयपुर स्थित शासन सचिवालय से लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), संभागीय आयुक्त और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब त्योहारों और वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही के बीच अधिकारी वर्ग को वित्तीय संबल की उम्मीद थी, जिसे पूरा करते हुए शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं।

1 जुलाई से लागू होगा 3% बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता

वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, महंगाई भत्ते में की गई यह 3 प्रतिशत की वृद्धि पूर्वगामी प्रभाव यानी 1 जुलाई से लागू की जा रही है। इसका मतलब यह है कि जुलाई से लेकर अब तक का जो भी अंतर बनेगा, उसे एरियर (Arrears) के रूप में अधिकारियों के खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। एरियर की यह राशि नकद या उनके प्राविधान निधि (General Provident Fund - GPF) खाते में जमा कराई जाएगी। 1 जुलाई से लागू होने के कारण अधिकारियों को उनके चालू महीने के वेतन में बढ़ा हुआ डीए और पुराना बकाया एरियर एक साथ मिलेगा, जिससे उनके मासिक टेक-होम सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

अब 60% से बढ़कर 63 फीसदी हुआ कुल DA का आंकड़ा

इस ताजा संशोधन से पहले राजस्थान में कार्यरत आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था। अब इसमें 3 फीसदी की सीधी बढ़ोतरी के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 63 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई के मौजूदा दौर में जीवन यापन की लागत को संतुलित करने के लिए सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ते की दरों में यह संशोधन करती है। 63 प्रतिशत डीए होने से न केवल वरिष्ठ अधिकारियों की बेसिक सैलरी पर मिलने वाला भत्ता बढ़ेगा, बल्कि इससे जुड़े कई अन्य भत्तों और यात्रा व्ययों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे उनका कुल वेतनमान काफी आकर्षक हो जाएगा।

जयपुर सचिवालय से लेकर जिलों तक प्रशासनिक गलियारों में खुशी

इस वित्तीय फैसले की जानकारी मिलते ही जयपुर स्थित राज्य सचिवालय से लेकर राज्य के सभी जिलों और संभागों के प्रशासनिक सर्किलों में काफी उत्साह का माहौल है। राजस्थान में कानून व्यवस्था, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालने वाले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने सरकार के इस त्वरित फैसले का स्वागत किया है। अधिकारियों का मानना है कि समय पर डीए में बढ़ोतरी होने से वित्तीय प्रबंधन बेहतर होता है और काम के प्रति ऊर्जा बनी रहती है। राजस्थान राज्य प्रशासनिक सेवा के विभिन्न संगठनों ने भी इस फैसले पर संतोष जताया है और उम्मीद जताई है कि राज्य सेवा (RAS/RPS) के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी इसी तर्ज पर वित्तीय प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा।

राज्य के राजकोष और वेतन संरचना पर पड़ेगा असर

अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों का डीए 3% बढ़ाए जाने से राज्य सरकार के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। हालांकि, सरकार ने अपने वार्षिक बजट प्रबंधन के तहत इस खर्च का प्रावधान पहले से ही कर रखा था। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही राज्य में यह व्यवस्था लागू की जाती है। इस बढ़ोतरी के बाद अब अधिकारियों की पे-मैट्रिक्स और बेसिक पे के आधार पर हर अधिकारी के वेतन में 3,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये या उससे अधिक की प्रतिमाह बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है। राजस्थान सरकार के इस आदेश की प्रति सभी संबंधित विभागों और कोषागारों (Treasuries) को तुरंत प्रभाव से भेज दी गई है ताकि अगले वेतन बिलों में इसे शामिल किया जा सके।