यहां हमारा श्मशान था', दूदू में जमीन के विवाद को लेकर 200 लोगों की भीड़ ने स्कूल का गेट तोड़ा

यहां हमारा श्मशान था', दूदू में जमीन के विवाद को लेकर 200 लोगों की भीड़ ने स्कूल का गेट तोड़ा

राजस्थान के दूदू जिले से इस वक्त एक बहुत ही तनावपूर्ण, संवेदनशील और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। दूदू (Dudu) क्षेत्र में एक स्थानीय स्कूल की जमीन को लेकर उपजा विवाद उस वक्त और अधिक उग्र हो गया जब करीब 200 लोगों की गुस्साई भीड़ ने अचानक स्कूल परिसर पर धावा बोल दिया। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि जिस जमीन पर यह स्कूल बना हुआ है, वह असल में उनका पुराना श्मशान घाट (Cremation Ground) है और वे वहीं पर अंतिम संस्कार करना चाहते थे। जब स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, तो गुस्साई भीड़ ने उग्र होकर स्कूल का मुख्य गेट तोड़ दिया और जमकर हंगामा किया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद की असल जड़ क्या है और दूदू में जमीन के इस कब्जे को लेकर प्रशासन अब क्या कदम उठा रहा है।

Dudu School Land Dispute: स्कूल की जमीन और श्मशान को लेकर कैसे भड़का यह विवाद, जानिए क्या है स्थानीय लोगों का मुख्य दावा

राजस्थान के दूदू जिले में जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहा पुराना विवाद अब एक बड़े टकराव में बदल चुका है। स्थानीय ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जिस जमीन पर सरकारी स्कूल का निर्माण कराया गया है, वह ऐतिहासिक रूप से उनके समुदाय का श्मशान घाट हुआ करता था। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके पूर्वजों का दाह संस्कार इसी स्थान पर पीढ़ियों से होता आया है, और हाल के वर्षों में इस जमीन पर स्कूल के निर्माण से उनकी धार्मिक और पारंपरिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी बात से नाराज होकर आज सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और वे पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ उसी जमीन पर दाह संस्कार करने की जिद पर अड़ गए। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों का कहना है कि यह जमीन शिक्षा विभाग के नाम पर आधिकारिक रूप से दर्ज है और पिछले कई सालों से यहां सुचारू रूप से शिक्षण कार्य चल रहा है, जिसके चलते वहां दाह संस्कार की अनुमति देना कानूनी रूप से संभव नहीं था।

Mob Attack and Gate Breaking: 200 लोगों की उग्र भीड़ ने तोड़ा स्कूल का गेट, बच्चों और शिक्षकों में मची अफरा-तफरी

मामला उस वक्त पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया जब अपनी मांगों पर अड़े करीब 200 लोगों की भीड़ ने विरोध प्रदर्शन को तेज करते हुए स्कूल के मुख्य गेट को जबरन तोड़ दिया। अचानक हुई इस तोड़फोड़ और भारी हंगामे के कारण स्कूल के अंदर पढ़ाई कर रहे छोटे-छोटे बच्चों और शिक्षकों के बीच भयंकर अफरा-तफरी और डर का माहौल पैदा हो गया। शिक्षकों ने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चों को तुरंत सुरक्षित कमरों में बंद किया ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल परिसर के भीतर घुसकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान स्कूल की संपत्ति को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और अतिरिक्त पुलिस बलों को मौके के लिए रवाना किया गया ताकि स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोका जा सके।

Administration and Police Action: दूदू प्रशासन ने संभाला मोर्चा, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, समझाइश का दौर जारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए दूदू के जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने हालात को काबू में करते हुए स्कूल परिसर और उसके आसपास जमा भीड़ को खदेड़ा और दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो फुटेज के आधार पर तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है। राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल और विवादित जमीन से जुड़े पुराने रेवेन्यू रिकॉर्ड्स (Revenue Records) की तुरंत जांच करें ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तविक कागजात में उस जमीन की स्थिति क्या है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी तरह की सांप्रदायिक या सामाजिक अशांति को फैलने से रोका जा सके।