मौसम : जैसलमेर में पारा पहुंचा 40.5 डिग्री सेल्सियस, जयपुर समेत कई जिलों में थमी बारिश
राजस्थान के मौसम के मिजाज को लेकर मौसम विभाग (IMD Jaipur) से इस वक्त एक बहुत बड़ी, महत्वपूर्ण और ताजा अपडेट सामने आ रही है। मरुधरा राजस्थान में अब मानसून धीरे-धीरे अपनी विदाई की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों से बारिश का दौर लगभग थम चुका है। मानसून के जाते ही तापमान में एक बार फिर से उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को हल्की गर्मी और तीखी धूप का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है, जहाँ ऐतिहासिक शहर जैसलमेर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। वहीं राजधानी जयपुर समेत कई अन्य प्रमुख जिलों में बारिश पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है और आसमान साफ होने लगा है। इस विशेष, विस्तृत और इनसाइड वेदर रिपोर्ट के माध्यम से हम गहराई से जानेंगे कि मानसून की इस विदाई के बाद राजस्थान के विभिन्न जिलों में तापमान की क्या स्थिति है और आगामी दिनों में मौसम का अगला दौर कैसा रहने वाला है।
राजस्थान से मानसून की विदाई और मौसम के बदलते तेवर: जानिए क्या है मौजूदा वेदर पैटर्न
पिछले कुछ महीनों से मानसून की झमाझम बारिश से सराबोर रहने वाले राजस्थान में अब मौसम का चक्र तेजी से बदल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों से मानसून की वापसी की रेखा गुजर रही है, जिसके प्रभाव से राजस्थान के अधिकांश संभागों से मानसूनी बादल धीरे-धीरे विदा हो चुके हैं। बादलों के छटने के बाद सीधी धूप धरती पर पड़ रही है, जिसके कारण दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सुबह और शाम के समय हल्की गुलाबी ठंडक और सुहानी हवा का अहसास जरूर होने लगा है, लेकिन दोपहर के वक्त चिलचिलाती धूप लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही राज्य में पूरी तरह से शुष्क मौसम (Dry Weather) का दौर शुरू हो जाएगा और सर्दियों की आहट धीरे-धीरे महसूस होने लगेगी।
जैसलमेर में सबसे गर्म रहा दिन: अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से बढ़ी गर्मी
पश्चिमी राजस्थान और थार मरुस्थल के इलाकों में गर्मी हमेशा से अपने तीखे तेवर के लिए जानी जाती है, और मानसून के थमते ही एक बार फिर वही नजारा देखने को मिल रहा है। ताजा वेदर रिपोर्ट के मुताबिक, जैसलमेर जिला इन दिनों राज्य में सबसे गर्म बना हुआ है, जहाँ तापमान उछलकर 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिन के समय चलने वाली गर्म हवाएं और तेज धूप ने लोगों को एक बार फिर से कूलर और एसी चलाने पर मजबूर कर दिया है। जैसलमेर के अलावा बाड़मेर, जोधपुर, फलोदी और बीकानेर जैसे सीमावर्ती जिलों में भी पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। हालांकि, रेगिस्तानी इलाकों की यह विशेषता होती है कि सूरज ढलते ही तापमान में तेजी से गिरावट आती है और रात के समय मौसम काफी सुहाना व ठंडा हो जाता है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलती है।
राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में थमी बारिश: साफ आसमान और उमस के बीच कैसा है हाल?
राजधानी जयपुर और इसके आसपास के मैदानी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश का सिलसिला पूरी तरह थम चुका है। जयपुर में अब आसमान बिल्कुल साफ है और दिनभर खिली हुई धूप निकल रही है। बारिश रुकने और नमी कम होने के कारण शहर के तापमान में हल्का इजाफा दर्ज किया गया है, हालांकि शाम के वक्त चलने वाली ठंडी बयार लोगों को राहत दे रही है। जयपुर के अलावा अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर और सीकर जैसे प्रमुख संभागों में भी अब मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है। किसानों ने अपनी कटी हुई फसलों को समेटना और सुखाना शुरू कर दिया है, क्योंकि अब बारिश की कोई खास संभावना नहीं बची है। मौसम विभाग का यह कहना है कि आगामी एक सप्ताह तक राज्य के किसी भी जिले में भारी बारिश या चेतावनी का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य बना हुआ है।
किसानों के लिए क्या है नया अपडेट? फसल कटाई और अक्टूबर के मौसम का पूर्वानुमान
मौसम में आए इस बड़े बदलाव का सीधा असर कृषि क्षेत्र और किसानों की गतिविधियों पर पड़ रहा है। जिन इलाकों में खरीफ की फसलें (जैसे बाजरा, ग्वार, मक्का और धान) पककर तैयार हो चुकी हैं, वहां के किसानों के लिए यह सूखा और साफ मौसम किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि वे अब आसानी से अपनी फसलों की कटाई और गहाई (Harvesting) का काम बिना किसी बाधा के पूरा कर सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के इस साफ दौर का पूरा फायदा उठाते हुए अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर भंडारण कर लें। जहाँ तक आगामी अक्टूबर महीने के पूर्वानुमान का सवाल है, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस साल राजस्थान में सर्दी समय से पहले और थोड़ी कड़ाकड़ की हो सकती है, क्योंकि मानसून की विदाई के बाद उत्तर भारत में हवा की दिशा में बदलाव शुरू हो जाता है।
राजस्थान यात्रा और पर्यटन पर क्या पड़ेगा असर? जानिए घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए खास सलाह
राजस्थान अपनी ऐतिहासिक संस्कृति, किलों और रेगिस्तानी खूबसूरती के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। जैसे-जैसे मानसून विदा हो रहा है और तापमान सुहाना होने की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे राजस्थान में पर्यटन सीजन (Tourist Season) की औपचारिक शुरुआत होने लगी है। हालांकि सितंबर के आखिरी हफ्तों में दोपहर के वक्त थोड़ी गर्मी जरूर महसूस हो रही है, लेकिन शाम और रात के समय उदयपुर की झीलों, जयपुर के महलों और जैसलमेर के धोरों का लुत्फ उठाने के लिए यह समय सबसे बेहतरीन माना जाता है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह मौसम यात्रा करने के लिहाज से बहुत अनुकूल है। कुल मिलाकर, राजस्थान में मानसून की विदाई के साथ ही अब राज्य एक नए और सुहागरात वाले मौसम की ओर कदम बढ़ा रहा है, जहाँ गर्मी और हल्की ठंड का यह मिला-जुला रूप लोगों को अपनी और आकर्षित कर रहा है।