इन 10 शहरों में कितने बजे निकलेगा चांद? जानें व्रत खोलने का समय
भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे बड़ा और पवित्र पर्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाने के बाद शुरू होने वाला यह कठिन व्रत रात को चंद्रोदय के दर्शन के बाद ही अर्घ्य देकर खोला जाता है। जैसे-जैसे शाम ढलती है, हर महिला की नजरें आसमान की तरफ टिक जाती हैं कि आखिर उनके शहर में चांद कब अपनी छटा बिखेरेगा। मौसम की स्थिति, भौगोलिक दूरियों और देशांतर के अंतर के कारण देश के अलग-अलग शहरों में चंद्रमा के निकलने के समय में थोड़ा बहुत अंतर देखने को मिलता है। आपकी इसी उत्सुकता को शांत करने के लिए हम देश के 10 प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का सटीक समय लेकर आए हैं, ताकि आप बिना किसी दुविधा के समय पर अपने व्रत का पारण कर सकें।
दिल्ली, नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में कब होंगे चंद्रदर्शन
देश की राजधानी नई दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) जिसमें नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद शामिल हैं, में करवा चौथ के दिन चांद का दीदार सबसे अहम माना जाता है। मौसम विभाग और पंचांग गणना के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 25 मिनट के बीच रहने की पूरी संभावना है। हालांकि, यदि आसमान में हल्के बादल छाए रहते हैं या धुंध होती है, तो चांद दिखने में 10 से 15 मिनट की देरी भी हो सकती है। यहां की महिलाओं के लिए यह समय बेहद खास होता है क्योंकि वे पारंपरिक रूप से छलनी से चांद और पति का चेहरा देखकर अपने इस पवित्र व्रत को पूरा करती हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में चांद निकलने का समय
उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में चांद का दीदार दिल्ली की तुलना में थोड़ा पहले हो जाता है। प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी और प्रयागराज में चंद्रोदय का समय लगभग रात 7 बजकर 55 मिनट से 8 बजकर 05 मिनट के आसपास का रहेगा। वहीं, राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में चांद रात 8 बजकर 03 मिनट से 8 बजकर 12 मिनट के बीच अपनी चांदनी बिखेरेगा। इन ऐतिहासिक शहरों में करवा चौथ के व्रत को लेकर महिलाओं में गजब का उत्साह देखा जाता है। बाजारों में सुबह से ही रौनक रहती है और सुहागिनें सोलह श्रृंगार करके छतों या खुले पार्कों में चंद्रमा के निकलने का इंतजार करती हैं।
मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य इलाकों में चंद्रोदय की सही समय सारणी
महानगर मुंबई, पुणे, नागपुर और महाराष्ट्र के तटीय तथा भीतरी इलाकों में भौगोलिक स्थिति के कारण चांद थोड़ा देर से निकलता है। मायानगरी मुंबई में करवा चौथ के दिन चांद रात 8 बजकर 45 मिनट से 8 बजकर 55 मिनट के बीच ही आसमान में नजर आएगा। पुणे और नासिक में भी लगभग इसी समय के आसपास चंद्रोदय होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में रहने वाली उत्तर भारतीय और स्थानीय समुदाय की सुहागिन महिलाएं इस समय के अनुसार ही अपनी पूजा की थाली सजाकर तैयार रहती हैं। तटीय क्षेत्रों में कई बार समुद्री बादलों या नमी के कारण चांद के दीदार के लिए थोड़ा अधिक इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन महिलाओं का उत्साह कभी कम नहीं होता।
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और मध्य प्रदेश के भोपाल में चांद निकलने का वक्त
गुलाबी शहर जयपुर और जोधपुर समेत पूरे राजस्थान में करवा चौथ का पर्व बेहद पारंपरिक और भव्य तरीके से मनाया जाता है। जयपुर में चांद रात 8 बजकर 20 मिनट से 8 बजकर 30 मिनट के बीच निकलने की संभावना है, जबकि जोधपुर और जैसलमेर जैसे पश्चिमी जिलों में चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 38 मिनट से 8 बजकर 48 मिनट तक हो सकता है। वहीं, मध्य प्रदेश के दिल यानी भोपाल और इंदौर में चांद रात 8 बजकर 28 मिनट से 8 बजकर 38 मिनट के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। इन राज्यों में रेगिस्तानी और खुले आसमान की वजह से चांद के दर्शन बहुत ही स्पष्ट और सुंदर रूप में होते हैं, जिससे व्रत का समापन बेहद उल्लास के साथ किया जाता है।
व्रत खोलने से जुड़ी जरूरी सावधानियां और सुहागिनों के लिए खास संदेश
चंद्रमा को अर्घ्य देने और व्रत का पारण करने से पहले महिलाओं को कुछ जरूरी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। व्रत खोलने के तुरंत बाद बहुत अधिक तला-भुना या मसालेदार भोजन खाने से बचना चाहिए क्योंकि पूरे दिन निर्जला रहने के बाद पेट संवेदनशील हो जाता है। सबसे पहले ताजे पानी, नींबू पानी, नारियल पानी या फलों के रस से अपने शरीर को हाइड्रेट करें और उसके बाद हल्का और सात्विक भोजन ग्रहण करें। करवा चौथ का यह पर्व केवल एक उपवास नहीं है, बल्कि यह दो दिलों के बीच अटूट विश्वास, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। देश के चाहे किसी भी शहर में आप हों, सही समय पर चांद के दर्शन करके अपने व्रत को पूरा करें और अपने सुहाग की लंबी उम्र की मंगलकामनाएं मांगें।