Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की एक जनपद–एक उत्पाद (ODOP) योजना ने सिद्धार्थनगर के किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को ₹1000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए यह साफ संकेत दिया कि परंपरा और आधुनिकता के मेल से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है सिद्धार्थनगर का प्रसिद्ध काला नमक चावल, जो अब देश-विदेश में पहचान बना रहा है।
करीब 2600 साल पुरानी विरासत वाला काला नमक चावल भगवान बुद्ध से जुड़ी मान्यताओं के कारण भी खास माना जाता है। कहा जाता है कि ज्ञान प्राप्ति के बाद बुद्ध ने कपिलवस्तु लौटते समय इस सुगंधित धान को आशीर्वाद स्वरूप दिया था। तभी से पिपरहवा क्षेत्र में इसकी खेती होती आ रही है। खास खुशबू, स्वाद और आयरन व जिंक जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह चावल हमेशा से अलग पहचान रखता है।
ODOP योजना के तहत चयन के बाद इसकी खेती में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां काला नमक चावल की खेती केवल 2,642 हेक्टेयर में होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 18,000 हेक्टेयर तक पहुंच गई है। सरकार की मदद से किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक खेती तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग की सुविधा मिली, जिससे उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने में मदद मिली।
आज सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों तक निर्यात हो रहा है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं और उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यही कारण है कि जिले की कृषि अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है।
काला नमक चावल के संरक्षण और प्रचार के लिए किए गए प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है। सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री पुरस्कार 2021, स्कॉच अवॉर्ड 2022 (गोल्ड) और राष्ट्रीय ODOP अवॉर्ड 2024 जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। आज यह चावल न सिर्फ जिले की पहचान बन चुका है, बल्कि किसानों की खुशहाली का मजबूत आधार भी साबित हो रहा है।




