'ऑरेंज कलर का क्या मतलब?' भारत की जर्सी को लेकर बवाल, भड़क गया पूर्व कप्तान, हॉकी इंडिया को देनी पड़ी सफाई
भारतीय खेल जगत में अक्सर जर्सी के रंगों को लेकर बहस छिड़ जाती है, लेकिन इस बार मामला क्रिकेट का नहीं बल्कि देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी (Indian Hockey Team) का है। हाल ही में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के लिए एक नए रंग—खासकर नारंगी (Orange Jersey) रंग की जर्सी को मैदान पर उतारे जाने के बाद सोशल मीडिया से लेकर खेल गलियारों तक बवाल मच गया है। विवाद इतना बढ़ा कि देश के कई पूर्व कप्तानों और दिग्गजों ने इस बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद आखिरकार हॉकी इंडिया (Hockey India) को आधिकारिक तौर पर सामने आकर सफाई देनी पड़ी।
क्यों भड़का विवाद? पूर्व कप्तानों ने क्या उठाए सवाल?
भारतीय हॉकी का पारंपरिक और गौरवशाली इतिहास हमेशा से 'तिरंगे' के रंगों—विशेषकर नीले (Blue) और सफेद (White) कॉम्बिनेशन से जुड़ा रहा है। जब अचानक से खिलाड़ियों को वैकल्पिक जर्सी के रूप में पूरी तरह से चमकीले नारंगी रंग में देखा गया, तो फैंस और खेल प्रेमियों के साथ-साथ कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी सवाल खड़े कर दिए।
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पहचान बदलने का आरोप: कुछ पूर्व कप्तानों का गुस्सा इस बात पर था कि दशकों पुरानी खेल संस्कृति और जर्सी के इतिहास से छेड़छाड़ क्यों की जा रही है। आलोचकों का तर्क था कि राष्ट्रीय टीमों की एक स्थापित पहचान होती है, जिसे अचानक इस तरह से बदला जाना उचित नहीं है।
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राजनीतिक रंग देने की कोशिश: सोशल मीडिया पर कुछ हलकों में इसे राजनीतिक रंग देने की भी कोशिश की गई, जिससे यह विवाद और अधिक तूल पकड़ गया और देश भर में बहस छिड़ गई कि आखिर अचानक इस रंग का चयन क्यों किया गया।
हॉकी इंडिया को देनी पड़ी सफाई, बताया असली कारण
बढ़ते विवाद और तीखी प्रतिक्रियाओं को देखते हुए हॉकी इंडिया के शीर्ष अधिकारियों को तुरंत मैदान में उतरना पड़ा। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि इस जर्सी को लेकर जो कयास लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।
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अंतरराष्ट्रीय महासंघ (FIH) के नियम: हॉकी इंडिया ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के नियमों के तहत हर देश को अपनी होम जर्सी के अलावा एक 'अल्टरनेट जर्सी' (Alternate Jersey) या अवे जर्सी रखनी होती है, ताकि जब दो टीमों की जर्सी का रंग आपस में मैच (Clash) करे, तो किसी एक टीम को रंग बदलना पड़े।
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डिजाइन और आधुनिक तकनीक: फेडरेशन के मुताबिक, यह नारंगी रंग केवल एक वैकल्पिक जर्सी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे आधुनिक फैब्रिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका किसी भी राजनीतिक या पारंपरिक पहचान से कोई लेना-देना नहीं है।
भले ही हॉकी इंडिया ने इस सफाई के जरिए बढ़ते विवाद को शांत करने की कोशिश की हो, लेकिन खेल प्रेमियों के बीच भारतीय टीम की पारंपरिक नीली जर्सी के प्रति प्रेम और इस नए बदलाव पर चर्चा का दौर अभी भी थमा नहीं है।