कौन हैं हमजा जहूर? जिन्होंने भारत के खिलाफ हारी हुई बाजी पाकिस्तान को जीता दी
क्रिकेट के मैदान पर जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच हमेशा अपने चरम पर होता है और खेल प्रेमियों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। ऐसा ही एक रोमांचक और सांस रोक देने वाला मुकाबला हाल ही में अंडर-19 एशिया कप के दौरान देखने को मिला, जहां दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरी थीं। इस मुकाबले में एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम ने पूरी तरह से शिकंजा कस लिया है और जीत उसकी मुट्ठी में है, लेकिन तभी एक ऐसे युवा खिलाड़ी ने मैदान पर कदम रखा जिसने पूरी बाजी का पासा ही पलट कर रख दिया। हम नाम ले रहे हैं पाकिस्तान के युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज हमजा जहूर का, जिनकी करिश्माई पारी ने हारी हुई बाजी को पूरी तरह से पलट दिया और पाकिस्तान को एक ऐतिहासिक व रोमांचक जीत दिला दी।
कौन हैं हमजा जहूर और कैसे बनी चर्चा का बड़ा केंद्र
क्रिकेट की दुनिया में अचानक रातों-रात सुर्खियां बटोरने वाले हमजा जहूर पाकिस्तान के उभरते हुए युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जो अपनी शानदार तकनीक और दबाव में भी शांत रहकर खेलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। कम उम्र में ही घरेलू क्रिकेट और आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। भारत के खिलाफ खेले गए इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले शायद ही दुनिया भर के आम क्रिकेट फैंस उनके नाम से बहुत ज्यादा वाकिफ थे, लेकिन इस धमाकेदार पारी के बाद अब हर कोई उनके खेल कौशल, जुझारूपपन और मानसिक दृढ़ता की चर्चा कर रहा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि बड़े मुकाबलों में किस तरह अपनी टीम की नैया को पार लगाया जाता है।
जब 61 रन पर गिर गए थे 5 विकेट, तब मसीहा बनकर क्रीज पर आए हमजा जहूर
इस मुकाबले का रोमांच इस बात से समझा जा सकता है कि जब पाकिस्तान की टीम भारत द्वारा दिए गए 209 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो उसकी शुरुआत बेहद खराब और आपदाजनक रही। भारतीय गेंदबाजों ने अपनी घातक गेंदबाजी के आगे पाकिस्तानी बल्लेबाजों की एक नहीं चलने दी और महज 61 के कुल स्कोर पर उसके 5 प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसा लग रहा था कि मैच कुछ ही ओवरों में समाप्त हो जाएगा और भारतीय टीम आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लेगी। ऐसे बेहद नाजुक और दबाव से भरे क्षणों में जब पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर रही थी, तब हमजा जहूर ने एक छोर पर चट्टान की तरह डटकर खड़े होने का फैसला किया और मैच का रुख मोड़ दिया।
शतकीय साझेदारी और शानदार अंदाज में नाबाद शतक जड़कर दिलाई जीत
मुश्किल समय में क्रीज पर उतरने के बाद हमजा जहूर ने पहले तो विकेटों के पतन को रोका और समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभाला। इसके बाद उन्होंने साथी बल्लेबाज हसनैन अब्बास दार के साथ मिलकर एक शतकीय यानी 100 से अधिक रनों की बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, जिसने मैच की तस्वीर ही बदल दी। शुरुआती झटकों के बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और क्रीज पर पैर जमाने के बाद शानदार शॉट्स खेले। दबाव के इस चरम माहौल में भी उन्होंने अपना आपा नहीं खोया और अंत तक टिके रहकर एक शानदार नाबाद शतकीय पारी खेली। उनके इस शतकीय प्रहार के आगे भारतीय गेंदबाजों की तमाम रणनीतियां धरी की धरी रह गईं और उन्होंने अपनी टीम को 3 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिला दी।
भारतीय गेंदबाजों के जबड़े से जीत छीनने वाली इस पारी का दूरगामी असर
क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि दबाव की स्थिति में खेली गई यह पारी आने वाले समय में हमजा जहूर के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जब हार सामने खड़ी थी, तब एक युवा खिलाड़ी द्वारा इस तरह जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेना यह दिखाता है कि इस खिलाड़ी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबा सफर तय करने का माद्दा मौजूद है। हालांकि भारतीय टीम के गेंदबाजों ने शुरुआत में बेहतरीन प्रदर्शन किया था, लेकिन वे मैच के अंतिम पलों में इस साझेदारी को तोड़ने में नाकामयाब रहे, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। इस रोमांचक मुकाबले और हमजा जहूर के जुझारू शतक की गूंज लंबे समय तक क्रिकेट के गलियारों में सुनाई देती रहेगी।