Prabhat Vaibhav,Digital Desk : दोस्तों की महफिल हो या पार्टी, अक्सर इस बात पर बहस छिड़ जाती है कि बीयर 'हल्का नशा' है या व्हिस्की की तरह ही असरदार। कई लोग मानते हैं कि स्ट्रॉन्ग बीयर पीने से उतना ही नशा होता है जितना व्हिस्की से। लेकिन क्या वाकई एक कैन स्ट्रॉन्ग बीयर और व्हिस्की के पेग में अल्कोहल की मात्रा बराबर होती है? अमर उजाला की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि आपकी ड्रिंक में कितना अल्कोहल है और यह आपके शरीर पर कैसा असर डालती है।
ABV का गणित: व्हिस्की में 16 गुना ज्यादा अल्कोहल
किसी भी ड्रिंक की ताकत उसमें मौजूद 'अल्कोहल बाय वॉल्यूम' (ABV) से तय होती है।
सामान्य बीयर: इसमें अल्कोहल की मात्रा करीब 5% होती है।
स्ट्रॉन्ग बीयर: इसमें अल्कोहल का स्तर 7% से 9% के बीच होता है।
व्हिस्की: यह एक 'डिस्टिल्ड' (आसुत) पेय है, जिसमें अल्कोहल आमतौर पर 40% या उससे अधिक होता है।
तकनीकी तौर पर देखें तो व्हिस्की की एक 750ml की बोतल में सामान्य बीयर की तुलना में लगभग 16 गुना अधिक शुद्ध अल्कोहल होता है। लेकिन नशा इस पर निर्भर करता है कि आप एक बार में कितनी मात्रा शरीर के अंदर ले जा रहे हैं।
एक कैन स्ट्रॉन्ग बीयर बनाम दो शॉट व्हिस्की
अगर आप मात्रा (Serving) के हिसाब से तुलना करें, तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है।
व्हिस्की का एक स्टैंडर्ड पेग (45ml) शरीर को लगभग 18ml शुद्ध अल्कोहल देता है।
वहीं, अगर आप 500ml स्ट्रॉन्ग बीयर (8% अल्कोहल) का एक कैन पीते हैं, तो आप सीधे तौर पर 40ml शुद्ध अल्कोहल का सेवन कर रहे होते हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि स्ट्रॉन्ग बीयर का एक बड़ा कैन व्हिस्की के दो स्टैंडर्ड पेग के बराबर नशा देता है। यही कारण है कि इसे 'हल्का नशा' समझना आपकी सेहत और होश पर भारी पड़ सकता है।
जल्दी नशा चढ़ने का वैज्ञानिक कारण
अक्सर देखा गया है कि बीयर पीने वाले लोग जल्दी नशे की चपेट में आ जाते हैं। इसका कारण बीयर में मौजूद कार्बोनेशन (गैस) है। गैस की वजह से अल्कोहल खून में बहुत तेजी से घुलता है। इसके अलावा, व्हिस्की को लोग अक्सर सोडा या पानी के साथ धीरे-धीरे पीते हैं, जिससे लिवर को उसे प्रोसेस करने का समय मिल जाता है। इसके विपरीत, बीयर (खासकर स्ट्रॉन्ग बीयर) लोग जल्दी-जल्दी पीते हैं, जिससे शरीर में अल्कोहल की सांद्रता अचानक बढ़ जाती है।
कैलोरी और 'बीयर बेली' का खतरा
स्ट्रॉन्ग बीयर न केवल नशे के मामले में भारी है, बल्कि इसमें चीनी और कैलोरी भी सामान्य बीयर या व्हिस्की के मुकाबले कहीं ज्यादा होती है। अत्यधिक स्ट्रॉन्ग बीयर का सेवन ही 'बीयर बेली' (पेट का बाहर निकलना) का मुख्य कारण बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नशा बोतल पर लिखी ब्रांड की साख से नहीं, बल्कि आपके द्वारा पी गई शुद्ध अल्कोहल की मात्रा और उसे पीने की गति से तय होता है।




