Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के वाहन स्वामियों के लिए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य आदेश जारी किया है। अब राज्य में दोपहिया या चारपहिया वाहनों की प्रदूषण जांच (PUC) कराना पहले जैसा आसान नहीं होगा। विभाग ने पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 'पंजीकृत मोबाइल नंबर' की व्यवस्था को सख्ती से लागू कर दिया है। यदि आपका मोबाइल नंबर वाहन पोर्टल पर अपडेट नहीं है, तो आज ही सावधान हो जाएं।
PUC के लिए अब जरूरी होगा 'पंजीकृत' मोबाइल नंबर
परिवहन विभाग के नए नियमों के अनुसार, अब प्रदूषण जांच केंद्र पर जांच करवाते समय ओटीपी (OTP) केवल उसी मोबाइल नंबर पर आएगा जो वाहन के पंजीकरण (Registration) के समय दर्ज कराया गया था।
पहले की व्यवस्था: अब तक वाहन स्वामी कोई भी मोबाइल नंबर बता देता था या जांच केंद्र संचालक अपने नंबर पर ओटीपी मंगाकर प्रक्रिया पूरी कर देते थे।
नई व्यवस्था: अब बिना रजिस्टर्ड नंबर के प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। यदि आपका पुराना नंबर खो गया है या बदल गया है, तो उसे अपडेट कराए बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सकेगा।
10 हजार रुपये का चालान और लंबित मामलों का अंबार
उत्तर प्रदेश में लगभग 4 करोड़ 80 लाख वाहन पंजीकृत हैं। बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के सड़क पर वाहन चलाने पर 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। समीक्षा में सामने आया है कि साल 2024-25 में हुए 27 लाख ई-चालानों में से 22 लाख चालान लंबित हैं क्योंकि वाहन स्वामियों के मोबाइल नंबर सही नहीं थे और उन्हें चालान की सूचना ही नहीं मिली। अब रजिस्टर्ड नंबर अनिवार्य होने से चालान और प्रदूषण समाप्ति की चेतावनी सीधे वाहन स्वामी को मिल सकेगी।
किसे, कब और कितने में करानी होगी जांच?
वाहन की श्रेणी के अनुसार प्रदूषण जांच की वैधता और शुल्क इस प्रकार है:
BS-6 और BS-4 वाहन (2014 के बाद): इनकी जांच 1 साल के लिए मान्य होती है।
BS-3 वाहन (2014 से पहले): इनकी जांच हर 6 माह में करानी अनिवार्य है।
शुल्क: दोपहिया के लिए 70 रुपये, चार पहिया पेट्रोल/CNG के लिए 90 रुपये और डीजल वाहनों के लिए 120 रुपये तय हैं।
अपना मोबाइल नंबर घर बैठे ऐसे करें अपडेट
यदि आपका मोबाइल नंबर बदल गया है, तो आप इसे ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं:
आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in पर जाएं।
'Online Services' में जाकर 'Vehicle Related Services' चुनें।
अपना राज्य (UP) और जिला (RTO) सेलेक्ट करें।
'Update Mobile Number' विकल्प पर क्लिक करें।
गाड़ी का नंबर, चेसिस और इंजन नंबर के अंतिम 5 अंक दर्ज करें।
आधार ओटीपी के माध्यम से सत्यापन कर नया नंबर अपडेट करें।
वैकल्पिक रूप से, आप अपने जिले के एआरटीओ (ARTO) कार्यालय जाकर भी प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।




