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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भागदौड़ भरी जीवनशैली और खान-पान में लापरवाही के कारण आजकल 'यूरिक एसिड' का बढ़ना एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन गई है। शुरुआत में लोग इसे मामूली बदन दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर यह 'गाउट' (गठिया) या किडनी स्टोन जैसी दर्दनाक स्थितियों का रूप ले सकता है। जब शरीर में प्यूरीन (Purine) नामक तत्व टूटता है, तो यूरिक एसिड बनता है। सामान्यतः यह किडनी के जरिए फिल्टर होकर बाहर निकल जाता है, लेकिन जब इसकी मात्रा खून में बढ़ जाती है, तो यह हड्डियों के बीच क्रिस्टल बनकर जमा होने लगता है।

यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर देता है ये चेतावनी भरे संकेत

शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ते ही कुछ खास लक्षण दिखाई देने लगते हैं। अगर आपको अक्सर हाथों और पैरों के जोड़ों में तेज दर्द महसूस होता है, तो इसे हल्के में न लें। जोड़ों के पास लालिमा और सूजन आना इसका प्राथमिक लक्षण है। इसके अलावा, किडनी के पास दर्द होना, पेशाब करते समय जलन या पेशाब से तेज दुर्गंध आना भी बढ़े हुए यूरिक एसिड की ओर इशारा करता है। कई बार मरीजों को बिना किसी खास वजह के अत्यधिक थकान और कमजोरी भी महसूस होने लगती है।

किडनी की पथरी और चलने-फिरने में तकलीफ

जब यूरिक एसिड का स्तर अनियंत्रित हो जाता है, तो पैरों की उंगलियों और एड़ियों में इतनी सूजन आ जाती है कि व्यक्ति को चलने-फिरने में भी भारी कठिनाई होती है। यह स्थिति आगे चलकर किडनी की पथरी (Kidney Stone) का कारण बन सकती है क्योंकि किडनी इसे ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती। निर्जलीकरण (Dehydration) यानी पानी कम पीना इस समस्या को और अधिक बढ़ा देता है, जिससे टॉक्सिन्स शरीर से बाहर नहीं निकल पाते।

दवा नहीं, रसोई की ये चीजें करेंगी यूरिक एसिड को कंट्रोल

राहत की बात यह है कि आप अपनी डाइट और कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से इसे आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं:

सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar): यह शरीर के pH लेवल को संतुलित करता है और यूरिक एसिड को तोड़ने में मदद करता है।

हल्दी का पानी: हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में जादुई असर दिखाते हैं।

गुनगुना नींबू पानी: सुबह खाली पेट गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं।

फाइबर युक्त ओट्स और चेरी: ओट्स खून से अतिरिक्त यूरिक एसिड को सोख लेते हैं, वहीं चेरी का रस इसके स्तर को तेजी से कम करने में कारगर माना जाता है।

अदरक का सेवन: अदरक का टुकड़ा या इसकी चाय भी जोड़ों के दर्द में राहत पहुँचाती है।

बचाव के लिए क्या न करें?

यूरिक एसिड के मरीजों को प्यूरीन से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे रेड मीट, समुद्री भोजन (Seafood), कुछ खास दालें और शराब से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना सुनिश्चित करें ताकि किडनी सुचारू रूप से काम कर सके।