वाराणसी एमएलसी चुनाव की गिनती रोकी गई, बीजेपी ने किया हंगामा
उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी वाराणसी में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की मतगणना के दौरान उस वक्त अचानक भारी प्रशासनिक हड़कंप मच गया जब मतगणना की प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया गया। जैसे ही मतगणना रोकने की आधिकारिक घोषणा हुई, मतगणना केंद्र के बाहर और भीतर मौजूद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं, प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं ने धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते मतगणना स्थल के बाहर भारी संख्या में पहुंचे बीजेपी समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस घटना के बाद से ही वाराणसी के पहड़िया मंडी स्थित मतगणना केंद्र के आसपास का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है और पूरे जिले की पुलिस फोर्स को मौके पर मुस्तैद कर दिया गया है।
किस वजह से रोकी गई एमएलसी चुनाव की गिनती और अधिकारियों का क्या है पक्ष
वाराणसी एमएलसी चुनाव की मतगणना रोकी जाने के पीछे मुख्य कारण प्रथम वरीयता और द्वितीय वरीयता के मतों (First and Second Preference Votes) की छंटाई के दौरान सामने आई तकनीकी खामी और मतपत्रों में विसंगति बताई जा रही है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि मतगणना में पारदर्शिता का ध्यान नहीं रखा जा रहा था और विपक्षी दलों की मिलीभगत से अवैध मतों को भी गिनती में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा था। जब बीजेपी के एजेंटों ने इस प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया और पुनः जांच की मांग उठाई, तो चुनाव अधिकारियों और प्रेक्षकों के निर्देश पर स्थिति को नियंत्रित करने और मतपत्रों का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए कुछ समय के लिए गिनती को रोक दिया गया। हालांकि, जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के तहत पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
पहड़िया मंडी मतगणना केंद्र पर भारी पुलिस बल तैनात, पैरामिलिट्री ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी के पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) और जिलाधिकारी (DM) तुरंत मौके पर पहुंचे। मतगणना केंद्र के आसपास किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), पीएसी (PAC) और कई थानों की पुलिस को तुरंत तैनात कर दिया गया। केंद्र के 500 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है ताकि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति भीतर प्रवेश न कर सके। चुनाव प्रेक्षकों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के एजेंटों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार वार्ता चल रही है ताकि विवादित मतों का निस्तारण कर मतगणना की प्रक्रिया को दोबारा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू कराया जा सके।
एमएलसी चुनाव के इस परिणाम का पूर्वांचल और यूपी की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर
वाराणसी एमएलसी सीट पूर्वांचल की राजनीति के लिहाज से बेहद वीआईपी और महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की सीट होने के कारण इस चुनाव परिणाम पर न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। इस सीट पर बीजेपी और विपक्षी गठबंधन के बीच बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। यही कारण है कि मतगणना का एक-एक राउंड दोनों ही दलों के लिए साख का सवाल बन चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतगणना रोके जाने और हंगामे की वजह से चुनाव नतीजों की अंतिम घोषणा में कई घंटों की देरी हो सकती है, जो स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगी।
आगे का घटनाक्रम और मतगणना प्रक्रिया दोबारा शुरू होने का इंतजार
फिलहाल मतगणना स्थल के भीतर चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज व वीडियोग्राफी के आधार पर बीजेपी द्वारा उठाए गए आपत्तियों का समाधान करने में जुटे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी आपत्तियों का नियमानुसार समाधान करने के तुरंत बाद मतगणना पुनः शुरू कर दी जाएगी और परिणाम पूरी तरह निष्पक्ष होंगे। वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल के लोग इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिरकार इस हाई-प्रोफाइल एमएलसी सीट पर जीत का सेहरा किसके सिर बंधता है।