नेपाल से आया 2 करोड़ का माल, जूते में छिपाकर ला रहे थे दो लोग, बस रुकवाकर पकड़े गए दोनों
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों और तस्करों के बीच आए दिन लुकाछिपी का खेल चलता रहता है, लेकिन इस बार तस्करों ने जिस नायाब और शातिर तरीके से तस्करी को अंजाम देने की कोशिश की, उसने सीमा शुल्क अधिकारियों और पुलिस विभाग के भी होश उड़ा दिए हैं। नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे दो तस्कर अपने जूतों के भीतर बेशकीमती सामान छिपाकर तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को अंजाम देने की फिराक में थे। लेकिन खुफिया विभाग की सटीक टिप और सतर्क सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के चलते बीच रास्ते में ही उनकी बस को रुकवाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा गया। तलाशी के दौरान उनके जूतों और सामान से जो खजाना निकला, उसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत आंकी गई तो अधिकारियों की आँखें खुली की खुली रह गईं। आइए जानते हैं इस फिल्मी अंदाज में पकड़े गए सनसनीखेज तस्करी के पूरे मामले की अंदरूनी कहानी।
गुप्त सूचना और बस रुकवाकर तलाशी लेने की पूरी फिल्मी कहानी
मामला भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे एक संवेदनशील ट्रांजिट रूट का है, जहाँ से रोजाना सैकड़ों यात्री बसों और निजी वाहनों का आवागमन होता है। सीमा शुल्क विभाग (Customs Department) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को कई दिनों से इनपुट मिल रहा था कि नेपाल के रास्ते उत्तर प्रदेश और बिहार के बड़े शहरों में भारी मात्रा में प्रतिबंधित और महंगी विदेशी वस्तुओं की तस्करी की जा रही है। इसी कड़ी में खुफिया टीम को पुख्ता जानकारी मिली कि एक नियमित यात्री बस में सवार होकर दो संदिग्ध तस्कर भारी खेप के साथ भारतीय सीमा में दाखिल होने वाले हैं। सुरक्षाबलों ने बिना वक्त गंवाए सीमा चौकी के पास घेराबंदी कर उस बस को रुकवा लिया। बस के रुकते ही जब सुरक्षाकर्मियों ने दोनों यात्रियों को नीचे उतारकर उनकी गहन तलाशी शुरू की, तो उनकी हरकतों और अजीबोगरीब ढंग से पहने गए जूतों को देखकर दाल में कुछ काला नजर आया।
जूतों के अंदर क्या छिपा था और कैसे हुआ करोड़ों के माल का खुलासा
जब सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों संदिग्धों से उनके जूते उतारने को कहा, तो वे बहाने बनाने लगे और घबराने लगे। पुलिस ने जब सख्ती दिखाते हुए उनके विशेष रूप से डिजाइन किए गए जूतों की सिलाई और सोल को काटा, तो अंदर का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। तस्करों ने अपने जूतों के तलवे में विशेष कैविटी बनाकर उसमें उच्च गुणवत्ता की विदेशी मुद्रा, बेशकीमती दुर्लभ वस्तुएं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये मूल्य की अवैध प्रतिबंधित ड्रग्स व तस्करी का सामान छिपा रखा था। इसके अलावा उनके पास मौजूद बैग और जैकेट की आंतरिक परतों से भी भारी मात्रा में तस्करी का सामान बरामद हुआ। जब्ती की गई इस पूरी खेप का वजन और मूल्यांकन कराया गया, तो इसकी कुल कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई। इस अनूठे तरीके को देखकर अधिकारी भी हैरान थे कि आखिर कोई इतनी चालाकी से जूतों के भीतर इतनी बड़ी संपत्ति कैसे छुपाकर ले जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय तस्कर सिंडिकेट और नेपाल सीमा की सुरक्षा पर उठते सवाल
इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जब दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई है कि ये दोनों तस्कर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट (Smuggling Syndicate) का मोहरा मात्र हैं, जो नेपाल के रास्ते भारत के विभिन्न महानगरों में अवैध सामान की आपूर्ति करते हैं। नेपाल और भारत की खुली सीमा होने के कारण तस्कर अक्सर इस रूट का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, क्योंकि यहाँ आवाजाही अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है। हालांकि, इस बार सुरक्षाबलों की चौकस निगाहों और आधुनिक स्कैनर तकनीक के इस्तेमाल से तस्करों का यह नापाक मंसूबा पूरी तरह नाकाम हो गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस सिंडिकेट के तार देश के किन-किन अन्य राज्यों और शहरों से जुड़े हुए हैं तथा नेपाल में इनका मुख्य सरगना कौन है।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच
गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों के खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम (Customs Act) और एनडीपीएस या संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अदालत में पेश करने के बाद उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों को इस घटना के बाद और अधिक सतर्क कर दिया गया है तथा नेपाल से आने वाले हर छोटे-बड़े वाहन की सघन जाँच के निर्देश दिए गए हैं। इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हमारे जवान हर तरह की शातिर चाल को नाकाम करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।