खाटू श्याम मंदिर का लिंटर गिरने से मची चीख-पुकार, मलबे में कई लोगों के दबने की आशंका
धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र खाटू श्याम जी मंदिर परिसर के पास से एक बेहद दर्दनाक और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। निर्माणाधीन हिस्से में अचानक लिंटर ढह जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। हादसा इतना भयानक था कि लिंटर गिरते ही चारों तरफ धूल का गुबार छा गया और वहां मौजूद कई मजदूर और श्रद्धालु मलबे की चपेट में आ गए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
खाटू श्याम मंदिर परिसर के पास अचानक कैसे गिरा लिंटर?
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर परिसर से सटे एक निर्माणाधीन ब्लॉक में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। वहां लिंटर ढालने की प्रक्रिया चल रही थी कि अचानक भरभराकर पूरा ढांचा नीचे आ गिरा। लिंटर गिरते ही तेज धमाके जैसी आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास मौजूद लोग और श्रद्धालु सहम गए। पलक झपकते ही वहां चीख-पुकार मच गई। आसपास के दुकानदारों और श्रद्धालुओं ने तुरंत अपनी जान की परवाह न करते हुए मलबे की तरफ दौड़ लगाई और शुरुआती स्तर पर लोगों को निकालने का प्रयास किया।
मलबे में कई लोगों के दबने की आशंका और रेस्क्यू का जायजा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस और प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। मलबे को हटाने के लिए तुरंत जेसीबी और कटर मशीनों को लगाया गया है। मलबे के नीचे से कुछ घायलों को निकालकर तुरंत पास के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की विशेष टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से राहत कार्य में तेजी लाई जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
स्थानीय प्रशासन सख्त, जांच के दिए गए आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिला प्रशासन ने इस दर्दनाक हादसे के कारणों की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम का गठन कर दिया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता कैसी थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की बात सामने आती है, तो जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं और परिजनों में चिंता का माहौल
खाटू श्याम जी में रोजाना हजारों की संख्या में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस हादसे की खबर फैलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं और घायलों के परिजनों में भारी चिंता और घबराहट देखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और रेस्क्यू टीम का सहयोग करने की अपील की है। फिलहाल पूरे इलाके को सील कर दिया गया है ताकि बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और राहत कार्य सुचारू रूप से चल सके।