देहरादून से चमोली तक झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं का रेड अलर्ट
देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर बेहद खतरनाक और डरावना रुख अख्तियार कर लिया है, जिससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हड़कंप मच गया है। मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी और ताजा हालातों को देखते हुए राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। राजधानी देहरादून से लेकर उच्च हिमालयी और धार्मिक जिलों जैसे चमोली तक बादलों की आवाजाही के बीच झमाझम बारिश और तेज रफ्तार तूफानी हवाएं अपना कहर बरपा रही हैं। अचानक बदले इस मौसम के मिजाज से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और पूरी सतर्कता बरतने की सख्त सलाह दी है। आइए जानते हैं कि उत्तराखंड के इन प्रमुख इलाकों में इस वक्त मौसम का ताजा हाल कैसा है और आने वाले घंटों में क्या स्थिति रहने वाली है।
Dehradun Weather Update: राजधानी देहरादून में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का दौर, सड़कों पर जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
पहाड़ों की रानी और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिसके बाद से शहर के कई इलाकों में काले बादलों का डेरा और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देहरादून में आज का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि हवा में नमी (humidity) का स्तर काफी अधिक बना हुआ है। दोपहर और शाम के वक्त आसमान में अचानक छाए बादलों के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस तूफानी हवा और बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख चौराहों और निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे ऑफिस से घर लौटने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भारी ट्रैफिक जाम और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Chamoli and Hill Districts Alert: चमोली समेत पहाड़ी जिलों में सर्द हवाओं और बादलों का गदर, तापमान गिरने से बढ़ी ठिठुरन
उत्तराखंड के उच्च पर्वतीय और संवेदनशील जिलों में शुमार चमोली और उसके आसपास के इलाकों में मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक रुख अपनाए हुए है। यहाँ लगातार चल रही ठंडी और तूफानी हवाओं ने पहाड़ी इलाकों की दुश्वारियों को और अधिक बढ़ा दिया है। मौसम के इस यू-टर्न से चारों धाम यात्रा मार्गों और पर्वतीय पगडंडियों पर चलने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को भारी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ों की चोटियों पर लगातार हो रहे बादलों के डेरे और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण तापमान में तेजी से गिरावट आई है, जिससे अक्टूबर के महीने में ही दिसंबर जैसी कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भूस्खलन (landslide) और रास्तों के अवरुद्ध होने की संभावनाओं को देखते हुए केवल बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
IMD Warning and Safety Measures: मौसम विभाग की कड़ी चेतावनी, अगले कुछ घंटों तक इन जिलों में बरतनी होगी विशेष सावधानी
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के लिए आने वाले कुछ दिनों का पूर्वानुमान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अभी इस खराब मौसम से तुरंत राहत मिलने की कोई खास उम्मीद नहीं है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादलों की लुकाछिपी, तेज झक्कड़ हवाएं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ बौछारें पड़ने का यह दौर अभी कुछ और वक्त तक जारी रह सकता है। खासकर पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और चालकों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है क्योंकि अचानक तेज हवा चलने और बारिश होने से रास्तों पर विजिबिलिटी कम हो जाती है और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है। आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तमाम जिला मुख्यालयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।