अमेरिका के साथ युद्ध खत्म नहीं हुआ, देंगे करारा जवाब': ईरानी सेना का बड़ा और आक्रामक ऐलान

अमेरिका के साथ युद्ध खत्म नहीं हुआ, देंगे करारा जवाब': ईरानी सेना का बड़ा और आक्रामक ऐलान

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मध्य-पूर्व (Middle East) के सुलगते हालात से इस वक्त एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया की धड़कनें तेज कर दी हैं। एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर शांति और कूटनीति के जरिए तनाव को कम करने की बातें की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान के तेवर अभी भी पूरी तरह आक्रामक बने हुए हैं। ईरानी सेना के शीर्ष नेतृत्व ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए साफ तौर पर ऐलान किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उनका संघर्ष या युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है, और वे समय आने पर इसका बेहद करारा और कड़ा जवाब देंगे। ईरानी सेना के इस आक्रामक रुख के साथ-साथ देश के राष्ट्रपति ने भी अमेरिका और उसके सहयोगियों को खुली चेतावनी देते हुए यह जता दिया है कि तेहरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। इस हाई-वोल्टेज बयानबाजी के बाद से ग्लोबल पॉलिटिक्स, तेल बाजारों और कूटनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है। आइए जानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम और ईरानी नेतृत्व की इस तीखी चेतावनी के पीछे की असली वजह क्या है।

Escalating Tensions with US: अमेरिका और ईरान के बीच क्यों नहीं थम रहा तनाव, क्या है इस लंबे संघर्ष की पूरी अंदरूनी कहानी

वाशिंगटन और तेहरान के बीच दुश्मनी का यह इतिहास दशकों पुराना है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में मिडिल ईस्ट की भू-राजनीतिक स्थिति (Geopolitics) में आए बदलावों के कारण यह तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिका द्वारा इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को लगातार मजबूत करना और इजरायल जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर रणनीतिक चालें चलना ईरान को लंबे समय से नागवार गुजर रहा है। ईरानी सेना का मानना है कि अमेरिका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उनके देश की संप्रभुता को कमजोर करने और उनकी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करने की सुनियोजित साजिश रच रहा है। इसी के चलते ईरानी सैन्य कमांडरों ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वे अमेरिका की हर एक आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं और उनके रक्षात्मक व आक्रामक विकल्प हमेशा खुले हुए हैं।

Iranian President Warning: ईरानी राष्ट्रपति की दो टूक चेतावनी, कहा- हमारी संप्रभुता पर हमला हुआ तो अंजाम भुगतने होंगे गंभीर परिणाम

सेना के इस कड़े रुख के बाद देश के राष्ट्रपति ने भी अपनी मोर्चाबंदी करते हुए अमेरिका और पश्चिमी देशों को सीधे शब्दों में चेतावनी दे डाली है। ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में दो टूक कहा कि उनकी सरकार और जनता अपने देश की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने अमरीकी प्रशासन पर क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालने और मध्य-पूर्व में अस्थिरता फैलाने का मुख्य आरोप लगाया। राष्ट्रपति की यह चेतावनी इस बात का पुख्ता संकेत है कि तेहरान कूटनीतिक वार्ताओं के साथ-साथ अपनी सैन्य ताकत और प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence) को कम करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। इस तरह के तीखे बयानों से यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक दूरियां और अधिक बढ़ सकती हैं, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ना तय है।

Global Impact and Oil Market Reaction: इस ताजा तनाव का वैश्विक अर्थव्यवस्था, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या पड़ेगा असर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस सैन्य तनाव का सबसे पहला और सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर देखने को मिलने लगा है। मध्य-पूर्व दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल सप्लायर क्षेत्र है, और यदि यहाँ किसी भी प्रकार का बड़ा युद्ध या संघर्ष छिड़ता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो सकती है। इसके अलावा, दुनिया भर के देश इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं यह क्षेत्रीय संघर्ष किसी बड़े विश्व युद्ध या व्यापक तबाही का रूप न ले ले। संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य शांतिप्रिय देश दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि दोनों तरफ से सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आने वाले हफ्तों में यह देखना बेहद दिलचस्प और चिंताजनक होगा कि क्या कूटनीति इस बार जंग के बादलों को छांट पाती है या फिर ईरान और अमेरिका का यह टकराव एक नए और भयानक युद्ध की शुरुआत बनता है।