Prabhat Vaibhav,Digital Desk : वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, सफाई से न केवल शारीरिक स्वच्छता बनी रहती है, बल्कि घर में ऊर्जा का संतुलन भी बना रहता है। घर की धुलाई के लिए सबसे शुभ समय सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले का होता है, क्योंकि इस समय सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होती है।
हालाँकि, गुरुवार और एकादशी जैसे कुछ दिनों में ऐसा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे घर में दोष और अप्रत्याशित बाधाएँ आ सकती हैं। ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पहले) में सफाई करना सबसे शुभ माना जाता है।
वास्तु शास्त्र का हमारे जीवन और हमारे घरों के वातावरण पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि लोग घर में चीजों की व्यवस्था, दिशाओं और यहाँ तक कि दैनिक साफ़-सफ़ाई में भी वास्तु के नियमों का पालन करते हैं। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि घर में सफ़ाई का मतलब सिर्फ़ बाहर की गंदगी हटाना नहीं है, बल्कि सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के बीच संतुलन बनाए रखना भी है। अगर सफ़ाई सही तरीक़े से और नियमों के अनुसार की जाए, तो इससे घर में सौभाग्य और समृद्धि आती है।
वास्तु के अनुसार, सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले घर में झाड़ू लगाना सबसे शुभ माना जाता है। यह अवधि घर में शांति और सौभाग्य लाने के लिए उत्तम मानी जाती है, क्योंकि सुबह के समय सकारात्मक ऊर्जा प्रबल होती है। इसके अलावा, घर में झाड़ू लगाने की दिशा का भी विशेष महत्व है। घर के प्रवेश द्वार से हमेशा अंदर की ओर मुख करके झाड़ू लगानी चाहिए। इस विधि से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ता है, जिससे घर के सदस्यों को शांति और उन्नति मिलती है।
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, कुछ दिन ऐसे होते हैं जब घर की धुलाई या झाड़ू-पोछा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। गुरुवार भी इन्हीं दिनों में से एक है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू-पोछा करने से गुरु देव नाराज़ होते हैं, जिससे घर में आर्थिक तंगी और धन संबंधी परेशानियाँ आ सकती हैं। इस नियम का पालन करने वाले लोगों को जीवन में शुभ फल मिलते हैं।
इसी तरह, एकादशी के शुभ दिन घर में झाड़ू लगाने से बचना चाहिए। इस दिन झाड़ू लगाने से परिवार की सुख-शांति भंग हो सकती है और अप्रत्याशित बाधाएँ आ सकती हैं। वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस दिन गीली झाड़ू लगाने की बजाय सूखी झाड़ू से घर में झाड़ू लगाना उचित माना जाता है।
घर की सफाई के लिए अगर कोई शुभ समय है, तो वह है ब्रह्म मुहूर्त। ब्रह्म मुहूर्त, यानी सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले की गई सफाई को वास्तु में बहुत महत्व दिया गया है। इस समय की गई सफाई घर में सर्वोत्तम सकारात्मक ऊर्जा लाती है और घर से सारी नकारात्मकता दूर करती है।
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