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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। बिहार से उम्मीदें लेकर आया एक हंसता-खेलता परिवार चंद पलों में काल के गाल में समा गया। दरअसल, बिहार का रहने वाला 'सेठिया परिवार' इंदौर के एक नामी अस्पताल में अपने परिजन का इलाज कराने के मकसद से पहुंचा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। एक भीषण धमाके और उसके बाद लगी विकराल आग ने पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। दर्दनाक पहलू यह है कि मदद के लिए चिल्लाने का मौका तक नहीं मिला और परिवार के सभी सदस्य जिंदा जल गए।

इलाज की आस में तय किया था सैकड़ों मील का सफर

जानकारी के अनुसार, सेठिया परिवार बिहार के अपने पैतृक गांव से इंदौर के लिए रवाना हुआ था। परिवार के एक सदस्य की तबीयत लंबे समय से खराब थी, जिसके बेहतर उपचार के लिए उन्होंने इंदौर के डॉक्टरों पर भरोसा जताया था। परिजनों ने बताया कि वे बड़ी उम्मीदों के साथ यहां आए थे कि इलाज के बाद सब ठीक हो जाएगा और वे खुशी-खुशी वापस लौटेंगे। लेकिन जैसे ही वे अपने गंतव्य के करीब पहुंचे, एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग की लपटों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आग इतनी भयानक थी कि किसी को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं मिला।

धमाके की गूंज और फिर पसरा सन्नाटा

हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों के कांच तक चटक गए। आग ने बिजली की रफ्तार से पूरे हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार मची, लेकिन आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। जब तक दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। मलबे से निकले शवों की हालत देख बचाव कर्मियों की रूह भी कांप उठी।

प्रशासनिक जांच और अपनों का इंतजार

हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का एलान किया है। प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव या शॉर्ट सर्किट को धमाके की वजह माना जा रहा है, हालांकि फोरेंसिक टीम बारीकी से साक्ष्य जुटा रही है। बिहार में रह रहे सेठिया परिवार के अन्य रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। इंदौर के इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।