Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर भारत में भीषण गर्मी की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में अगले एक हफ्ते तक झमाझम बारिश और गरज के साथ तूफान का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। 3 से 9 अप्रैल के बीच दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलने वाला है। बांदा में जहां पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं अब आसमान से बरसने वाली बूंदें तापमान में भारी गिरावट लाएंगी।
दिल्ली-NCR में 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
राजधानी दिल्ली में शुक्रवार और शनिवार (3-4 अप्रैल) को मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार आईटीओ, लक्ष्मी नगर, आनंद विहार, पटपड़गंज और अक्षरधाम जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान धूल भरी आंधी और हवा की गति 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। 7 अप्रैल से एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देगा, जिससे बारिश का यह दौर लंबा खिंच सकता है।
उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मेरठ और नोएडा समेत 18 जिलों में आज से मौसम खराब रहने वाला है। मौसम विज्ञानी अतुल सिंह के मुताबिक, शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर यह विक्षोभ शनिवार तक पूर्वी यूपी तक पहुंच जाएगा। करीब 11 जिलों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना जताई गई है। झांसी, आगरा, मथुरा और अलीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में 50 किमी की रफ्तार से तूफान आने की आशंका है।
राजस्थान, हरियाणा और पंजाब का हाल
राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत बीकानेर, जैसलमेर और जोधपुर में 3 और 4 अप्रैल को मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम और सोनीपत में भी 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन प्रभावित कर सकती हैं। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और जालंधर में भी तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है। बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और गया जैसे जिलों में भी 5 से 8 अप्रैल के बीच बारिश का पूर्वानुमान है।
किसानों के लिए विशेष हिदायत
लगातार बढ़ते तापमान के बीच अचानक आई इस बारिश से आम जनता को गर्मी से तो निजात मिलेगी, लेकिन फसलों के लिए यह संकट का समय है। मौसम विभाग ने किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने और ओलावृष्टि के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज धूप के बाद अचानक शुरू हो रहा यह दौर वायु प्रदूषण को कम करने में भी मददगार साबित होगा।




