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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विदेश जाकर डॉलर और यूरो कमाने का सपना आज के युवाओं के लिए कभी-कभी जानलेवा साबित हो रहा है। हरियाणा के अंबाला का एक युवक सुनहरे भविष्य की तलाश में लाखों रुपये खर्च कर रूस की राजधानी मास्को पहुंचा था, लेकिन उसे क्या पता था कि वहां उसे मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया जाएगा। जिस युवक को कंपनी में अच्छी नौकरी और भारी-भरकम पगार का वादा किया गया था, उसे वहां बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। युवक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब उसने अपनी सैलरी मांगी, तो उसे पैसों के बदले बिजली के करंट के झटके दिए गए।

एजेंट के झांसे में आकर गंवाए लाखों रुपये

अंबाला के रहने वाले इस युवक ने बताया कि उसने एक स्थानीय एजेंट के जरिए रूस जाने का सौदा किया था। एजेंट ने उसे मास्को की एक प्रतिष्ठित कंपनी में हेल्पर और अच्छी सैलरी वाली नौकरी का झांसा दिया था। इसके लिए युवक के परिवार ने अपनी जमा-पूंजी और कर्ज लेकर लाखों रुपये एजेंट को सौंप दिए। युवक बड़े अरमानों के साथ मास्को पहुंचा, लेकिन वहां पहुंचते ही हकीकत कुछ और ही निकली। उसका पासपोर्ट छीन लिया गया और उसे एक अनजान जगह पर बंधक बना लिया गया।

करंट के झटके और रूह कंपा देने वाली यातनाएं

युवक ने रोते हुए बताया कि वहां उससे दिन-रात जानवरों की तरह काम कराया जाता था। जब उसने कई हफ्तों तक काम करने के बाद अपनी मेहनत की कमाई (सैलरी) मांगी, तो वहां मौजूद संचालकों ने उसे बेरहमी से पीटा। हद तो तब हो गई जब उसे डराने और चुप कराने के लिए बिजली के करंट के झटके दिए गए। उसे भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था। युवक ने बताया कि वहां उसके जैसे कई और भारतीय युवक भी फंसे हो सकते हैं, जिन्हें डरा-धमकार गुलामों की तरह रखा जा रहा है।

मौत के चंगुल से ऐसे बच निकला अंबाला का जांबाज

इस नरक जैसी जिंदगी से बाहर निकलने के लिए युवक ने एक साहसी योजना बनाई। एक रात जब सुरक्षाकर्मी सो रहे थे या उनका ध्यान भटका, तो वह खिड़की के रास्ते भाग निकला। कई किलोमीटर पैदल चलने और स्थानीय लोगों की छिटपुट मदद से वह भारतीय दूतावास के संपर्क में आने में कामयाब रहा। दूतावास और कुछ सामाजिक संगठनों के हस्तक्षेप के बाद युवक की सुरक्षित घर वापसी संभव हो सकी। अब युवक और उसका परिवार सरकार से उन धोखेबाज एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगा रहा है जिन्होंने उसे मौत के मुंह में धकेला था।