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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : देश के कई हिस्सों में सूरज की तपिश झुलसा रही है, तो दूसरी तरफ मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ा बुलेटिन जारी करते हुए देश के 13 राज्यों में अगले 48 घंटों के भीतर भारी बारिश और भयंकर आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। उत्तर-दक्षिण निम्न दबाव प्रणाली (Low Pressure System) सक्रिय होने के कारण पहाड़ी और पूर्वी राज्यों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।

इन 13 राज्यों पर मंडरा रहा है खतरा: IMD का 'ऑरेंज अलर्ट'

मौसम विभाग के अनुसार, 16 और 17 अप्रैल को कुदरत का दोहरा रूप देखने को मिलेगा। जहां मैदानी इलाके तपेंगे, वहीं उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में मौसम बिगड़ेगा।

16 अप्रैल को यहाँ होगी आफत: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा।

17 अप्रैल को इन राज्यों में बढ़ेगी टेंशन: उत्तराखंड और पंजाब में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी, यूपी-बिहार में 'लू' का टॉर्चर

राजधानी दिल्ली में 16 अप्रैल को पारा 39 डिग्री सेल्सियस के करीब रहेगा, जिससे भीषण गर्मी का अहसास होगा। हालांकि, 17 अप्रैल से दिल्लीवासियों को थोड़ी राहत मिल सकती है। पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली में 20-25 किमी की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए फिलहाल राहत की कोई खबर नहीं है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और पटना समेत कई जिलों में भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप रहेगा। लखनऊ में पारा 40 डिग्री के पार जाने का अनुमान है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना दूभर हो जाएगा।

पहाड़ों पर गिरेगा बर्फ जैसा पानी: मनाली में -3 डिग्री तक लुढ़केगा पारा

पहाड़ों की सैर पर गए पर्यटकों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 17 अप्रैल को उत्तराखंड के नैनीताल और देहरादून समेत हिमाचल के शिमला और मनाली में भारी आंधी-तूफान आने की आशंका है। मनाली में न्यूनतम तापमान -3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे कड़ाके की ठंड की वापसी होगी। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

किसानों और पर्यटकों के लिए विशेष गाइडलाइन

तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। तेज रफ्तार हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का डर है, इसलिए आंधी के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें।