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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : महिला आरक्षण विधेयक 2026 को लेकर देश की सियासत में भूचाल आ गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'ओबीसी विरोधी' करार दिया है। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में तो है, लेकिन जिस तरह से सरकार इसे लागू करने की कोशिश कर रही है, वह पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के साथ एक बड़ा 'राजनीतिक छल' है।

'जनगणना के बिना परिसीमन एक बड़ा धोखा'

एक विशेष वीडियो संदेश के जरिए राहुल गांधी ने सरकार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नई जाति आधारित जनगणना कराए बिना ही पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन (Delimitation) करना चाहती है। राहुल गांधी के अनुसार, "प्रधानमंत्री मोदी 2011 की जनगणना के आधार पर आगे बढ़ना चाहते हैं, जिसमें ओबीसी आबादी के सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। जातिगत जनगणना के आंकड़ों से सरकार डरी हुई है और इसीलिए पिछड़ों को उनका उचित हिस्सा देने से कतरा रही है।"

दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों पर मंडरा रहा है राजनीतिक खतरा

राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की योजना के अनुसार परिसीमन लागू होता है, तो इसका सबसे बुरा असर दक्षिण भारतीय राज्यों, छोटे पश्चिमी राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों पर पड़ेगा। उन्होंने इसे एक खतरनाक प्रस्ताव बताते हुए कहा कि इससे इन राज्यों की राजनीतिक ताकत कम हो जाएगी, जो संघीय ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती है। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि परिसीमन केवल 2026 की नई जनगणना के आधार पर ही होना चाहिए ताकि सभी वर्गों को सही प्रतिनिधित्व मिल सके।

'नारी शक्ति वंदन कानून' का समर्थन, लेकिन शर्तों के साथ

विपक्ष के नेता ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनकी नीयत साफ है, तो मौजूदा 'नारी शक्ति वंदन कानून' को बिना किसी देरी के लागू करें। उन्होंने कहा, "हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार की आड़ में ओबीसी, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी वर्ग के संवैधानिक हक को छीनना सीधे तौर पर एक राष्ट्रविरोधी गतिविधि है।"

बीजेपी और आरएसएस पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने अपने हमले में आरएसएस और भाजपा को भी लपेटा। उन्होंने दावा किया कि अब सत्ता पक्ष को एहसास हो गया है कि पिछड़ी जातियों की ताकत बढ़ रही है, इसीलिए वे जनसंख्या के अनुपात में उन्हें हक देने से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी सड़क से संसद तक ओबीसी के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी और बिना जातिगत जनगणना के किसी भी बदलाव को स्वीकार नहीं करेगी।