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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : चंडीगढ़ नगर निगम की सदन की आम बैठक आज हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने एकजुट होकर कथित फर्जी एफडी घोटाले (Fake FD Scam) को लेकर भाजपा मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस घोटाले में बड़ी अनियमितताएं हुई हैं और वे इस पर प्रशासन से 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी करने की मांग कर रहे हैं।

बैठक के मुख्य विवादित मुद्दे

फर्जी एफडी घोटाला: विपक्ष इस मामले में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पूरी जांच प्रक्रिया को सार्वजनिक करने पर अड़ा है। सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस और नारेबाजी की संभावना है।

शहर की सफाई का टेंडर: सेक्टरों की सफाई व्यवस्था को लेकर जारी टेंडर प्रक्रिया भी चर्चा के केंद्र में रहेगी। पार्षदों का आरोप है कि मौजूदा कंपनी 'लायंस सर्विसेज लिमिटेड' को अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है। मांग उठ रही है कि शहर को दो हिस्सों में बांटकर सफाई का काम अलग-अलग कंपनियों को दिया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

गौशालाओं की बदहाली: शहर की गौशालाओं की खराब स्थिति और वहां पशुओं के रखरखाव में लापरवाही का मुद्दा भी सदन में गूंजेगा। विपक्ष इस पर मेयर से स्पष्टीकरण और सुधारात्मक कदमों की मांग करेगा।

चुनावी साल का असर: विकास कार्यों पर रार

चूंकि यह चुनावी वर्ष है, इसलिए सदन में राजनीति और भी ज्यादा गरमाई हुई है। विपक्षी पार्षद अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों के आवंटन में भेदभाव और अनदेखी के गंभीर आरोप लगा सकते हैं। बैठक में 10 से अधिक 'टेबल एजेंडा' (Table Agenda) लाए जाने की तैयारी है, जिससे कार्यवाही लंबी और विवादित होने की उम्मीद है।

क्या चाहता है विपक्ष?

घोटाले पर विस्तृत श्वेत पत्र ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

सफाई टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर जारी करना।

विकास कार्यों के लिए फंड का समान वितरण।

आज की बैठक में भाजपा मेयर के लिए विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देना एक बड़ी चुनौती होगी। प्रशासनिक अधिकारियों से भी कई अहम फाइलों पर विस्तृत जानकारी मांगी जा सकती है।