Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच राजद (RJD) सांसद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बड़ी और तीखी नसीहत दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बिहार के राजनीतिक भविष्य के फैसले दिल्ली के बंद कमरों में नहीं, बल्कि बिहार की धरती पर होने चाहिए।
उत्तराधिकारी JDU से ही हो, भाजपा को न सौंपें सत्ता
सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि यदि वे पद छोड़ते हैं, तो उन्हें अपना उत्तराधिकारी अपनी ही पार्टी जदयू (JDU) से चुनना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि नीतीश कुमार किसी मजबूरी में भाजपा को सत्ता सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। सुधाकर सिंह के अनुसार:
"अगर जदयू से ही मुख्यमंत्री बनता है, तभी यह माना जाएगा कि यह फैसला किसी दबाव या मजबूरी में नहीं लिया गया है।"
लालू यादव की विरासत और 90 के दशक का जिक्र
90 के दशक के राजनीतिक हालात का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि उस दौर में बिहार के मुख्यमंत्री का चयन दिल्ली से होता था, जिससे राज्य की स्थिति काफी खराब हो गई थी। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने इस व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी ताकि बिहार का नेतृत्व बिहार के लोग ही तय करें। सुधाकर सिंह ने चेतावनी दी कि बिहार को फिर से उस पुराने दौर में नहीं ले जाना चाहिए जहां फैसले स्थानीय स्तर के बजाय केंद्रीय दबाव में लिए जाएं।
इस्तीफा देना नीतीश का संवैधानिक विशेषाधिकार
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की खबरों पर सुधाकर सिंह ने कहा कि फिलहाल इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नीतीश कुमार के पास अभी छह महीने तक पद पर बने रहने का अधिकार है। इस्तीफा कब और किस परिस्थिति में देना है, यह पूरी तरह से नीतीश कुमार का अपना फैसला होगा।
शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर राज्यपाल से मुलाकात
राजनीतिक बयानबाजी के अलावा सुधाकर सिंह ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर बिहार की बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था की शिकायत की।
भ्रष्टाचार के आरोप: उन्होंने सबौर विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिक्षा में सुधार: उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राज्यपाल की सक्रियता की सराहना की और इसे प्राथमिकता देने की बात कही।




