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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप चंडीगढ़ में जमीन या मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास केवल 31 मार्च तक का समय है। चंडीगढ़ प्रशासन ने 1 अप्रैल 2026 से नए कलेक्टर रेट लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के बाद शहर में रिहायशी, वाणिज्यिक (Commercial) और औद्योगिक संपत्तियों की रजिस्ट्री 10 से 22 प्रतिशत तक महंगी हो जाएगी।

प्रमुख सेक्टरों में जमीन की नई दरें (प्रति वर्ग गज)

प्रशासन ने शहर को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर दरों में वृद्धि की है। सबसे ज्यादा असर पॉश इलाकों और कृषि भूमि पर देखने को मिला है:

सेक्टर 1 से 12: यहाँ रिहायशी जमीन का रेट ₹1,78,600 से बढ़ाकर ₹2,37,900 कर दिया गया है।

सेक्टर 14 से 37: नया रेट ₹1,81,300 तय किया गया है।

सेक्टर 38 और आगे: यहाँ अब कलेक्टर रेट ₹1,33,200 होगा।

इंडस्ट्रियल एरिया: फेज-1 और 2 में रेट बढ़ाकर ₹86,000 कर दिया गया है, जबकि फेज-3 में कोई बदलाव नहीं किया गया है (₹62,600)।

हाउसिंग बोर्ड फ्लैट्स: मंजिल के हिसाब से तय होंगे रेट

हाउसिंग बोर्ड और सोसाइटी फ्लैट्स के लिए प्रशासन ने 'फ्लोर वाइज' रेट तय किए हैं, जिससे ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट सबसे महंगे होंगे:

फ्लोर (मंजिल)नया रेट (प्रति वर्ग फुट)
ग्राउंड फ्लोर₹11,000
पहली मंजिल₹9,000
दूसरी मंजिल₹8,000
तीसरी मंजिल व ऊपर₹7,200

अतिरिक्त शुल्क: अगर आपका प्लॉट या मकान 'कॉर्नर' (Corner Plot) है, तो आपको 5% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं, रिहायशी प्लॉट को अस्पताल या नर्सिंग होम में बदलने पर 25 से 31.25% तक एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा।

कमर्शियल प्रॉपर्टी: बाजारों में मचेगी खलबली

शहर के प्रमुख बाजारों में बूथ और SCO (Shop cum Office) के रेट आसमान छूने लगे हैं:

सेक्टर 17, 22, 34, 35: यहाँ बूथ के रेट ₹5,92,200 प्रति वर्ग गज तक पहुंच गए हैं।

शिवालिक एन्क्लेव: यहाँ सबसे अधिक ₹4,10,200 प्रति वर्ग गज का रेट निर्धारित किया गया है।

मनीमाजरा मोटर मार्केट: यहाँ जमीन का रेट ₹2,33,500 प्रति वर्ग गज होगा।

जनता की राय और राजस्व पर असर

कलेक्टर रेट बढ़ने से न केवल रजिस्ट्री महंगी होगी, बल्कि स्टांप ड्यूटी के जरिए प्रशासन के राजस्व में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी। हालांकि, चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह और अन्य शहरवासियों ने मांग की है कि एक बार रेट बढ़ाने के बाद प्रशासन को अगले 5 साल तक इसमें कोई बदलाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि वर्तमान दरें पहले से ही काफी अधिक हैं।