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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप भी नेशनल हाईवे पर सफर करते समय टोल प्लाजा पर चिल्लर या नकद (Cash) देने की आदत रखते हैं, तो सावधान हो जाइए। सरकार डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा प्रहार करने जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से देश भर के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह बंद हो सकती है। सरकार अब टोल कलेक्शन को 100% डिजिटल बनाने के बेहद करीब है।

फास्टैग और यूपीआई का बजेगा डंका, नकद दिया तो लगेगा भारी जुर्माना

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के इस कदम का सीधा असर आपकी जेब और सफर के तरीके पर पड़ेगा। वर्तमान नियमों के मुताबिक, यदि आपकी गाड़ी पर वैध FASTag नहीं है, तो आपसे दोगुना टोल वसूला जाता है। लेकिन नए नियमों में यूपीआई (UPI) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि, कैश के मुकाबले यूपीआई से भुगतान करने पर अभी वाहन की श्रेणी के आधार पर 1.25 गुना तक टैक्स देना पड़ सकता है। सरकार का लक्ष्य साफ है—टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन को शून्य पर लाना।

जाम से मिलेगी मुक्ति, देश के बचेंगे 87,000 करोड़ रुपये

टोल प्लाजा पर अक्सर लंबी कतारों का मुख्य कारण नकद भुगतान की धीमी प्रक्रिया होती है। रसीद काटने और खुले पैसे वापस करने में लगने वाले समय के कारण ईंधन और समय दोनों की बर्बादी होती है। एक चौंकाने वाले अध्ययन के अनुसार, टोल प्लाजा को पूरी तरह डिजिटल करने से देश को सालाना ₹87,000 करोड़ की बचत होगी। एनएचएआई (NHAI) का मानना है कि इस बदलाव से टोल संचालन की पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

ओवरलोडिंग के जुर्माने पर भी कसेगा शिकंजा

अक्सर देखा गया है कि ट्रकों और भारी वाहनों के ओवरलोडिंग का जुर्माना नकद में लिया जाता है, जिसमें पारदर्शिता की कमी रहती है। टीओआई (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार अब इस जुर्माने को भी पूरी तरह डिजिटल और सटीक बनाने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। इससे न केवल भ्रष्टाचार रुकेगा, बल्कि सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

बैरियर-फ्री टोलिंग: बिना रुके कटेगा पैसा

सरकार का विजन केवल कैशलेस तक सीमित नहीं है। भविष्य में सरकार 'बैरियर-फ्री टोलिंग' शुरू करने की तैयारी में है। इसका मतलब है कि हाईवे पर कोई गेट या बैरियर नहीं होगा; वाहन की गति के आधार पर हाई-टेक कैमरों और सेंसर की मदद से टोल अपने आप कट जाएगा। इस बड़े बदलाव के लिए कैशलेस सिस्टम को अनिवार्य करना पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। 1 अप्रैल से पहले अपनी गाड़ी का फास्टैग रिचार्ज रखें और यूपीआई पेमेंट के लिए तैयार रहें।