Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम के कपाट खुलने जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड परिवहन विभाग (RTO) ने कमर कस ली है। इस बार आरटीओ प्रशासन का मुख्य फोकस बाहरी राज्यों के निजी वाहनों (Private Vehicles) पर है, जो अवैध रूप से यात्रियों का परिवहन करते हैं। विशेष रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होने वाले निजी वाहन इस बार विभाग की कड़ी निगरानी में रहेंगे।
चेक पोस्ट पर होगी 'कड़ाई': यात्रियों से पूछे जाएंगे नाम-पते
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी चेक पोस्ट पर विशेष इंतजाम किए गए हैं:
सघन पूछताछ: चेक पोस्ट पर केवल व्यावसायिक ही नहीं, बल्कि निजी वाहनों को भी रोका जाएगा। यात्रियों से उनके नाम, पते और वाहन मालिक से उनके संबंध पूछे जाएंगे।
संदेह पर कार्रवाई: यदि यह पाया जाता है कि निजी वाहन का उपयोग कमर्शियल उद्देश्य (सवारी ढोने) के लिए हो रहा है, तो वाहन को तुरंत सीज कर दिया जाएगा।
यात्रियों का विकल्प: पकड़े गए वाहन के यात्रियों को बीच रास्ते में नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उन्हें दूसरे अधिकृत वाहन से आगे रवाना करने की व्यवस्था की जाएगी।
रैपिडो, ऊबर और ओला पर पैनी नजर
अक्सर देखा गया है कि रैपिडो, ऊबर, ओला और बलाबला जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बाहरी राज्यों के लोग अपनी निजी कारों से चारधाम यात्रा कराते हैं।
नियमों का उल्लंघन: निजी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों से कमर्शियल काम करना मोटर वाहन अधिनियम के खिलाफ है।
सुरक्षा जोखिम: ऐसे वाहनों का रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं होता, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस बार आरटीओ की टीमें इन ऐप्स के जरिए बुक होने वाले निजी वाहनों को ट्रैक कर उन पर नकेल कसेंगी।
24 घंटे निगरानी: कैमरों और बाइक स्क्वायड का पहरा
चारधाम रूट के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा चक्र को मजबूत किया गया है:
प्रमुख चेक पोस्ट: आशारोड़ी, नारसन और विकासनगर चेक पोस्ट पर आरटीओ की टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी।
सीसीटीवी मॉनिटरिंग: चेक पोस्ट पर लगे कैमरों की लाइव फीड सीधे अधिकारी देखेंगे, जिससे हर वाहन के प्रवेश का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
बाइक स्क्वायड: पहाड़ी रास्तों और मुख्य रूट्स पर आरटीओ के बाइक स्क्वायड गश्त करेंगे ताकि कहीं भी अवैध परिवहन न हो सके।
अखिल भारतीय पर्यटक परमिट (AITP) के नए नियम
अखिल भारतीय पर्यटक वाहन परमिट में हुए संशोधनों के बाद अब बाहरी राज्यों के कमर्शियल वाहनों के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं। आरटीओ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




