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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने भारत की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। कांग्रेस पार्टी ने ईरान पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को 'विफल' करार दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की 'चुप्पी' देश के हितों के साथ विश्वासघात है और भारत अपनी दशकों पुरानी 'रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) को खोता जा रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी देशों में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों पर पड़ेगा।

'विद्वेषपूर्ण चुप्पी' और नैतिक नेतृत्व का त्याग

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में सरकार को घेरते हुए कहा कि जिस समय ईरान में 'टारगेटेड असेसिनेशन' (लक्ष्यित हत्याएं) हो रही थीं, उस समय भारत का मौन रहना विस्मयकारी है। पवन खेड़ा ने ट्वीट कर कहा, "मोदी सरकार की चुप्पी नैतिक नेतृत्व का परित्याग है। यह भारत के उन मूल्यों के साथ विश्वासघात है जिनके लिए हम दुनिया भर में जाने जाते थे। आज भारत पहले की तुलना में कमजोर नजर आ रहा है।" कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या भारत अब अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर भी चुप रहेगा?

पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के समय पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी की हालिया इजरायल यात्रा (25-26 फरवरी 2026) के समय पर सवाल खड़े किए हैं। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि जब पूरी दुनिया को पता था कि अमेरिका और इजरायल ईरान पर हमला करने वाले हैं, उस समय प्रधानमंत्री का इजरायल जाना और वहां की संसद 'नेसेट' को संबोधित करना 'नैतिक कायरता' का प्रदर्शन है। कांग्रेस का दावा है कि इस यात्रा ने वैश्विक स्तर पर यह संदेश दिया कि भारत इस सैन्य कार्रवाई का मूक समर्थक है, जिससे हमारे पुराने मित्र देश ईरान के साथ संबंधों में दरार आ सकती है।

हिंद महासागर में ईरानी जहाज का डूबना और सुरक्षा पर संकट

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत 'IRIS Dena' के डूबने की घटना पर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि एक जहाज, जो भारत के निमंत्रण पर 'इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026' में शामिल होने आया था, उसे हमारे ही समुद्री क्षेत्र (IOR) के पास निशाना बनाया गया और सरकार चुप रही। कांग्रेस ने पूछा कि क्या भारत अब अपने समुद्री क्षेत्र में भी विदेशी हस्तक्षेप को नहीं रोक पा रहा है? पार्टी ने 'सागर' (SAGAR) विजन और 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' के दावों को खोखला बताया है।

आर्थिक सुनामी की दी चेतावनी: 40% तेल और गैस पर खतरा

राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को आगाह करते हुए कहा कि 'होर्मुज की खाड़ी' (Strait of Hormuz) के बंद होने से भारत में महंगाई का बड़ा विस्फोट हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत का 40% कच्चा तेल और 85% एलपीजी (LPG) इसी मार्ग से आता है। यदि सरकार ने कूटनीतिक सक्रियता नहीं दिखाई, तो परिवहन, कृषि और विनिर्माण क्षेत्र ठप हो जाएंगे। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार तुरंत खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए 'इवेकुएशन प्लान' साझा करे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युद्ध विराम के लिए अपनी आवाज बुलंद करे।