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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विभूतिपुर थाना क्षेत्र में उपद्रवियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि पुलिस का खौफ लगभग खत्म होता नजर आ रहा है। अपराध नियंत्रण को लेकर वरीय अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्थिति यह है कि बीते छह महीनों में चार बार पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

दिनदहाड़े आपराधिक घटनाएं हो रही हैं और कार्रवाई के दौरान पुलिस खुद असुरक्षित महसूस कर रही है। हाल ही में रविवार को एक बार फिर विभूतिपुर पुलिस पर हमला हुआ, जो पिछले छह महीनों में चौथी घटना है। इन घटनाओं ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर अपराधियों में पुलिस का डर क्यों खत्म हो गया है।

पहली घटना: छापेमारी के दौरान हमला, थानाध्यक्ष का हाथ टूटा
23 जुलाई को कल्याणपुर उत्तर गांव में चोरी के एक मामले में छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर आरोपित के परिजनों ने हमला कर दिया। गाली-गलौच के साथ ईंट-पत्थर बरसाए गए। इस हमले में तत्कालीन थानाध्यक्ष आनंद कुमार कश्यप का दाहिना हाथ टूट गया, जबकि सहायक अवर निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मामले में नौ नामजद और पांच-छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

दूसरी घटना: थाना परिसर में ही पुलिस से मारपीट
5 सितंबर की सुबह थाना परिसर में एक कांड के आरोपित की गिरफ्तारी के बाद आक्रोशित भीड़ ने ओडी ड्यूटी पर तैनात दारोगा संजीव सिंह और सिपाही रोहित कुमार के साथ मारपीट कर दी। भीड़ ने थाना परिसर में तोड़फोड़ भी की। इस मामले में 42 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

तीसरी घटना: वीडियो बनाने पर भड़की भीड़
18 जनवरी को भरपुरा पेट्रोल पंप के पास आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने पहुंचे अपर थानाध्यक्ष शिव नारायण कुमार और दारोगा खुशबू कुमारी पर हमला कर दिया गया। दोनों पुलिसकर्मी मोबाइल से वीडियो और फोटो ले रहे थे, जिससे भीड़ भड़क गई। दोनों को चोटें आईं और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया। इस मामले में डेढ़ दर्जन से अधिक नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।

चौथी घटना: एएसआई के निजी आवास पर हमला
इसी दिन रविवार को चौथी घटना सामने आई, जब थाने में पदस्थापित एएसआई टीपू कुमार के निजी आवास पर एक आरोपित युवक ने गाली-गलौच करते हुए मारपीट कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपित को हिरासत में ले लिया। जख्मी एएसआई ने इलाज के बाद थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देने की बात कही है।

लगातार हो रही इन घटनाओं से साफ है कि विभूतिपुर थाना क्षेत्र में पुलिस पर हमले चिंता का विषय बन चुके हैं। सवाल यह है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं और पुलिस को अपनी सुरक्षा के लिए किन अतिरिक्त कदमों की जरूरत है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन घटनाओं को कितनी गंभीरता से लेता है और हालात सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।